दावोस, 22 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन ने देश में सुधारों की वर्तमान दिशा को सही, लेकिन नाकाफी बताया है और कहा कारोबारियों को बेहतर माहौल चाहिए।
राजन ने गुरुवार को ब्लूमबर्ग टीवी पर कहा, “मैं इसे इस तरह से कहना चाहूंगा। दिशा सही है। जिस स्तर पर यह किया जा रहा है, वह गलत है। हमारे पास गलत प्रकार के नियम काफी अधिक हैं और सही प्रकार के नियम काफी कम है।”
राजन यहां विश्व आर्थिक मंच में हिस्सा लेने आए हैं।
उन्होंने कहा, “हमें इन्हें (गलत प्रकार के नियमों को) धीमे-धीमे कम करते जाने की जरूरत है। इसमें समय लगेगा। यह रातोंरात नहीं होता। हम इसे कर रहे हैं। हम मानते हैं कि हमारे देश में जरूरत से अधिक नियमन किया जा रहा है। हम मानते हैं कि कारोबारियों को बेहतर माहौल चाहिए।”
उन्होंने ऐसे कई नियमों की चर्चा की, जिन्हें हटाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “उदाहरण के लिए, गत सप्ताह, प्रधानमंत्री ने स्टार्ट-अप इंडिया कार्यक्रम शुरू किया, जिसमें नया कारोबार शुरू करने की राह में नौकरशाही की बाधाओं को हटाने का प्रावधान है। नई कंपनी को 10, 15, 20 विभिन्न विभागों में पंजीकरण कराना होता है, जिसमें पेंशन कोष भी शामिल है।”
उन्होंने कहा, “जब आपके पास एक कर्मचारी है, तब आपको पेंशन कोष की क्या जरूरत है? इसलिए मूल विचार यह है कि कंपनी शुरू करना आसान बनाया जाए। निरीक्षण को भी हटाया जाए। तीन साल तक कंपनी में कोई भी निरीक्षक नहीं पहुंचेगा। आप जो कुछ भी करेंगे, उसे खुद ही घोषित करेंगे।”
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि चीन में जारी सुस्ती से वह चिंतित नहीं हैं।
उन्होंने कहा, “अभी भी चीन से काफी डॉलर आय आ रही है। निश्चित रूप से इसका अनुपात कम हुआ है। यह एक ऐसे अर्थव्यवस्था से स्वाभाविक तौर पर उम्मीद की जा सकती है, जो समृद्ध हो रही है और इसलिए उसकी विकास दर घट रही है। इसलिए चीन को लेकर मैं अधिक चिंतित नहीं हूं।”
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