नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने गुरुवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर को उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में अग्रिम जमानत दे दी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर थरूर को अग्रिम जमानत दे दी।
अदालत ने थरूर को सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करने व गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करने का निर्देश दिया।
अदालत ने उन्हें बिना इजाजत देश नहीं छोड़ने के लिए कहा।
दिल्ली पुलिस ने थरूर की याचिका का विरोध किया।
न्यायाधीश कुमार ने कहा, रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है जो यह संकेत देता है कि आरोपी ने किसी गवाह या साक्ष्यों को प्रभावित करने की कोशिश की है। इसके विपरीत वह जांच में शामिल हुए हैं, जब भी उन्हें बुलाया गया है।”
अदालत ने कहा, “ऐसा कोई आरोप नहीं है कि उन्होंने जांच एजेंसी के साथ सहयोग नहीं किया है। अभियोजन पक्ष की आशंका कि आरोपी न्याय से भाग सकता है और विदेश में स्थानांतरित होने की कोशिश करने की बात भी बेबुनियाद है।”
अदालत ने कहा कि एक जनवरी 2015 को मामला दर्ज होने के बाद भी नेता को गिरफ्तार नहीं किया गया और साढ़े तीन साल से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है।
अदालत ने पांच जून को इस मामले में पुलिस द्वारा दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लिया था।
तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर (62) को शनिवार को अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी समर विशाल के समक्ष पेश होने को कहा।
गौरतलब है कि थरूर की पत्नी सुनंद पुष्कर (51) 17 जनवरी 2014 को दिल्ली के एक होटल में रहस्यमय परिस्थिति में मृत पाई गई थीं।
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