एक बयान में सुरक्षा परिषद ने राष्ट्रीय सुलह की प्रक्रिया शांति और सुरक्षा की बहाली के लिए ‘आईसीटीआर’ के योगदान को सराहा। इसके अलावा, परिषद ने नरसंहार से जुड़े अपराधों में दण्ड से मुक्ति के खिलाफ लड़ाई और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्याय के विकास के लिए उठाए गए कदमों की भी प्रशंसा की है।
बयान के अनुसार, 15 सदस्यीय दल ने सभी राज्यों से आग्राह किया कि वे आपराधिक न्यायाधिकरण के लिए अंतर्राष्ट्रीय अवशिष्ट तंत्र और रवांडा की सरकार के साथ भगोड़े बाकी आठ अपराधियों को पकड़ने और उन पर मुकदमा चलाने में सहयोग करे।
रवांडा के लिए अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण (आईसीटीआर) की स्थापना वर्ष 1994 को हुई थी। यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नरसंहार और रवांडा में अंतर्राष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करता है।
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