नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में नौसेना कमांडरों की 21-23 अप्रैल की बैठक के दौरान हिंद महासागर में सुरक्षा परिदृश्य, विमानन को ध्यान में रहते हुए बुनियादी ढांचे को उन्नत करने का मुद्दा और मेक इन इंडिया की तर्ज पर पूंजी निवेश पर चर्चा केंद्र में होगा।
यह सम्मेलन इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (आईएफआर) के दो महीने बाद हो रहा है, जिसमें नौसेना प्रमुख, एडमिरल आर.के.धवन संचालन, संपत्तियों का अधिग्रहण, कर्मी तथा सैन्य साजो-सामान संबंधी मुद्दों के विभिन्न पहलुओं पर विचार करेंगे।
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे और नौसेना कमांडरों के साथ बातचीत करेंगे।
तीन दिवसीय सम्मेलन हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों के समाधान के लिए तटीय सुरक्षा सहित नौसेना की आक्रामकता तथा अभियान संचालन की तैयारी की समीक्षा पर केंद्रित होगा।
नौसेना के कमांडर ‘मेक इन इंडिया’ की तर्ज पर नौसेना में पूंजी निवेश की समय सीमा की समीक्षा करेंगे, जो भारतीय नौसेना की आत्मनिर्भरता एवं स्वदेशीकरण के सिद्धांत पर आधारित है।
नौसेना के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में परिवर्तन में विमानन संपत्ति की समीक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा और सुरक्षाबलों के भविष्य की कार्ययोजना का निर्माण होगा। नौसेना में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सैन्य साजो-सामान संबंधी सुविधा में सुधार तथा कई अन्य पहलें की जाएंगी।
भारतीय नौसेना हेलीकॉप्टरों की कमी से जूझ रही है।
नौसैनिकों व असैन्य कर्मियों की सेवा व रहन-सहन के हालात में सुधार के कदमों की समीक्षा की जाएगी।
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