नई दिल्ली, 27 नवंबर (आईएएनएस)। रक्षा मंत्रालय की ओर से सोमवार को कहा गया कि सैन्यकर्मियों की तलाकशुदा बेटियों को परिवारिक पेंशन का लाभ मिलेगा, अगर उनकी ओर से तलाक की याचिका उनके माता या पिता के जीवित रहते दायर की गई होगी।
इससे पहले तलाकशुदा बेटियों को परिवार का पेंशन तभी मिलता था जब उनके माता-पिता में से किसी एक के जीवित रहते तलाक का अदालती फैसला आ जाता था।
मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सरकार के पास शिकायतें आ रही थीं कि तलाक की प्रक्रिया में काफी लंबा समय लगता है और अंतिम फैसला आने में वर्षो गुजर जाता है। मंत्रालय ने बताया कि नियमों में परिवर्तन का फैसला 17 नवंबर को लिया गया।
गौरतलब है कि सरकार के पेंशन नियमों के तहत 25 साल से कम उम्र के अविवाहित बच्चे माता-पिता की मृत्यु के बाद पारिवारिक पेंशन के हकदार होते हैं।
यह पेंशन दिव्यांग बच्चों को जीवनभर के लिए मिलता है। वहीं 25 साल से ज्यादा उम्र की अविवाहित, विधवा या तलाकशुदा बेटियों के लिए पारिवारिक पेंशन का प्रावधान है। आश्रित बेटियों को तब तक पेंशन मिलता है जब तक उसकी दूसरी शादी नहीं हो जाती है या फिर वह अपने गुजारे के लिए पेंशन राशि के बराबर या उससे ज्यादा की आय कमाने लगती है।
रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया, “पेंशन तलाक की घोषणा के दिन से शुरू हो जाएगा.. बशर्ते हकदार इसकी अन्य शर्तो को पूरा कर रही हों।”
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