सोनू सूद ने 20 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की : आयकर विभाग

नई दिल्ली- केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शनिवार को आरोप लगाया कि अभिनेता सोनू सूद और उनके सहयोगियों ने 20 करोड़ रुपये कर की चोरी की है.

बोर्ड का कहना है कि जब आयकर विभाग ने उनके और उनसे जुड़े लखनऊ स्थित एक अवसंरचना समूह के परिसरों पर छापा मारा तो पता चला कि उन्होंने अपनी बेहिसाब आय को कई फर्जी संस्थाओं के जरिये फर्जी असुरक्षित ऋण के रूप में दर्शाया है.

सोनू सूद पर विदेशों से चंदा जुटाने के दौरान विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया गया है.

अभिनेता सोनू सूद ने पिछले साल कोविड-19 महामारी के मद्देनजर देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों को उनके गृहराज्यों तक पहुंचने में मदद कर सुर्खियां बटोरी थीं.

सीबीडीटी ने जारी बयान में कहा, ‘अभिनेता और उनके सहयोगियों के परिसरों की छापेमारी के दौरान कर चोरी से संबंधित साक्ष्य मिले हैं.’

बयान में कहा, ‘अभिनेता द्वारा अपनाई जाने वाली मुख्य कार्य प्रणाली यह थी कि वह अपनी बेहिसाब आय को कई फर्जी संस्थाओं के जरिये फर्जी असुरक्षित ऋण के रूप में तब्दील करते थे.’

बयान में बताया गया कि अब तक इस प्रकार की 20 प्रविष्टियों (एंट्री) के उपयोग की जानकारी मिली है और जांच के दौरान इनके प्रदाताओं ने ‘फर्जी’ प्रविष्टियां (खातों में लेनदेन प्रविष्टियां) मुहैया कराने की बात स्वीकार की है.

कर विभाग के लिए नीति बनाने वाले निकाय ने कहा, ‘उन्होंने (प्रविष्टयां मुहैया कराने वालों ने) नकद के बदले चेक जारी करने की बात स्वीकार की है. ऐसे कई उदाहरण हैं, जब कर चोरी के उद्देश्य से बहीखातों में ऋण के रूप में रसीदों को छिपाया गया है.’

निकाय ने कहा कि इन फर्जी ऋणों का इस्तेमाल निवेश करने और संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया.

बयान में बताया गया, ‘अभी तक 20 करोड़ रुपये से अधिक राशि की कर चोरी का पता चला है.’

बयान में सोनू सूद के उस चैरिटी संगठन की भी बात की गई है, जिसे पिछले साल कोविड-19 के दौरान गठित किया गया था.

बयान में कहा गया, ‘अभिनेता द्वारा 21 जुलाई, 2020 को स्थापित चैरिटी संगठन ने एक अप्रैल, 2021 से अब तक 18.94 करोड़ रुपये का दान इकट्ठा किया है, जिसमें से विभिन्न राहत कार्यों के लिए लगभग 1.9 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और शेष 17 करोड़ रुपये संगठन के बैंक खाते में पड़े हैं, जिनका इस्तेमाल नहीं किया गया है.’

बयान में आरोप लगाया गया है कि यह पाया गया कि एफसीआरए नियमों का उल्लंघन करते हुए चैरिटी संगठन ने एक क्राउडफंडिंग (किसी कार्य के लिए बड़ी संख्या में लोगों से धन जुटाना) मंच के जरिये विदेशी दानदाताओं से 2.1 करोड़ रुपये की धनराशि भी जुटाई.

बयान में कहा गया है कि अभिनेता ने लखनऊ स्थित अवसंरचना समूह के साथ एक संयुक्त उपक्रम (जेवी) शुरू किया और इसमें काफी धन निवेश किया.

बोर्ड ने कहा कि कर विभाग ने कर चोरी और बही खाते में अनियमितताओं से संबंधित सबूतों का पता लगाया है.

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