नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी को मानहानि के एक मामले में राहत देते हुए निचली अदालत में पेश होने से छूट दे दी। कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने उन पर मानहानि का मुकदमा किया था।
न्यायमूर्ति सुरेश कैथ ने स्मृति को अदालत में पेश होने से छूट दी। स्मृति को एक अगस्त को अदालत में पेश होना था।
उच्च न्यायालय ने स्मृति की उस याचिका पर सुनवाई के लिए 13 अगस्त की तिथि निर्धारित की है, जिसमें उन्होंने निचली अदालत द्वारा उन्हें जारी सम्मन को चुनौती दी है। महानगर दंडाधिकारी की अदालत ने छह जुलाई को उन्हें अदालत में पेश होने का आदेश जारी किया था।
स्मृति की तरफ से न्यायालय में पेश हुए वकील मनिंदर सिंह और अनिल सोनी ने दलील दी कि यह मामला झूठा है, लिहाजा सुनवाई तथा सम्मन के आदेश को खारिज कर दिया जाए।
पूर्व सांसद संजय का आरोप है कि गुजरात विधानसभा चुनाव के 20 दिसंबर, 2012 को घोषित नतीजे के दिन एक टेलीविजन चर्चा के दौरान स्मृति ने उनके लिए अपमानजनक तथा अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था।
स्मृति ने भी कांग्रेस नेता के खिलाफ ऐसी ही शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि टेलीविजन बहस के दौरान कांग्रेस नेता ने उनके खिलाफ अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया।
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