हमला जारी रहने तक विद्रोहियों से शांति समझौता नहीं : दुतेर्ते

मनीला, 16 मई (आईएएनएस)। फिलीपींस के राष्ट्रपति रॉड्रिगो दुतेर्ते ने मंगलवार को कहा कि वह कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ फिलीपींस (सीपीपी) के साथ तबतक कोई समझौता नहीं करेंगे, जबतक विद्रोहियों का हमला बंद नहीं हो जाता।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, दुतेर्ते का यह बयान पांचवें दौर की शांति वार्ता के पहले आया है, जो 27 मई को नीदरलैंड में शुरू होगी।

राष्ट्रपति के मुताबिक, सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ होने के नाते वह अपने सैनिकों की सुरक्षा का आश्वासन देते हैं।

दुतेर्ते ने कहा, “जहां तक मेरी बात है, तो जब तक वे सरकारी सुरक्षा बलों की हत्या कर रहे हैं, मैं किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करूंगा। मुझे अपने सैनिकों की सुरक्षा करनी है। मैं कमांडर-इन-चीफ हूं।”

उन्होंने सीपीपी के संस्थापक अध्यक्ष तथा शांति वार्ता समिति के कंसल्टैंट जोस मारिया सिसन से देश लौटने के लिए की गई अपनी अपील और उनके अस्पताल खर्च को वहन करने के प्रस्ताव को दोहराया।

उन्होंने कहा, “सिसन को दिए अपने प्रस्ताव पर मैं अडिग हूं। वह शांतिपूर्वक यहां लौट सकते हैं। मैं उनकी सुरक्षा की गारंटी देता हूं और यहां तक कि अस्पताल में होने वाले उनका खर्च भी वहन करूंगा। मैं उन्हें गिरफ्तार नहीं कराऊंगा। वह बीमार हैं..हम उन लोगों से नहीं लड़ते, जो असहाय हैं।”

सरकार तथा सीपीपी द्वारा एकपक्षीय संघर्ष विराम की घोषणा के बावजूद सेना व पुलिसकर्मियों के खिलाफ विद्रोहियों द्वारा हमला जारी रखने के बाद दुतेर्ते ने विद्रोहियों से इस साल फरवरी में होने वाली वार्ता रद्द कर दी थी।

सीपीपी ने उन 400 विद्रोहियों को रिहा करने की मांग रखी है, जिन्हें उसने राजनीतिक बंदी करार दिया है, लेकिन दुतेर्ते ने यह मांग खारिज कर दी है।

फिलीपींस में नॉर्वे के राजदूत एरिक फॉर्नर ने कहा कि सरकार तथा सीपीपी के बीच शांति वार्ता 27 मई को शुरू होगी, जो एक जून तक चलेगी।

फॉर्नर ने हालांकि बातचीत के एजेंडे का खुलासा नहीं किया, लेकिन मनीला ने कहा है कि दोनों पक्ष भूमि सुधार तथा राष्ट्रीय औद्योगीकरण सहित सामाजिक-आर्थिक सुधारों पर व्यापक समझौते को अंतिम रूप देने को लेकर विचार-विमर्श करेंगे, जो वार्ता में सबसे विवादास्पद एजेंडा है।

फिलीपींस सरकार तथा कम्युनिस्ट आंदोलन की सशस्त्र शाखा (न्यू पीपुल्स आर्मी) के बीच सशस्त्र संघर्ष बीते 50 वर्षो से जारी है।

सेना के मुताबिक, सन् 1980 के मध्य में वाम विद्रोहियों की संख्या 26,000 थी, जो इस साल घटकर 4,000 हो गई है।

फिर भी, दुतेर्ते ने विश्वास जताया है कि वह अपने कार्यकाल के दौरान ही विद्रोहियों को शांति समझौते के लिए राजी कर लेंगे। राष्ट्रपति का कार्यकाल जून 2022 में खत्म हो जाएगा।

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