पनामा सिटी, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। पनामा की सरकार ने कहा है कि ‘पनामा पेपर्स’ में जिक्र काली आर्थिक करतूतों के लिए उसके देश को बलि का बकरा बनाया जाना उसे बर्दाश्त नहीं होगा।
राष्ट्रपति भवन के चीफ ऑफ स्टाफ अलवारो अलेमन ने मंगलवार को कहा, “हम किसी तीसरे पक्ष द्वारा पनामा को बलि का बकरा नहीं बनाने देंगे। इसमें शामिल हर देश समान रूप से जिम्मेदार है।”
अलेमन ने कहा कि समाचार माध्यमों को स्थिति को गहराई से समझने की कोशिश करनी चाहिए और देश के बारे में अनर्गल प्रलाप करने तथा घिसी-पिटी बातें करने से बचना चाहिए।
अलेमन ने कहा, “पनामा अब बदल गया है और हम लोकतांत्रिक सुधार को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।”
मंत्री ने संपत्ति प्रबंधन कंपनी मोसाक फोंसेका के करीब 1.15 करोड़ गोपनीय दस्तावेजों के लिए ‘पनामा पेपर्स’ नाम का प्रयोग किए जाने की भी आलोचना की।
अलेमन ने कहा कि रिपोर्ट में सिर्फ पनामा का ही नहीं, बल्कि 21 अन्य प्रशासनिक क्षेत्रों का भी कर पनाहगाह के रूप में उल्लेख किया गया है, जहां कंपनियों का निर्माण किया गया था।
पनामा पेपर्स के खुलासे के बाद फ्रांस के वित्त मंत्री माइकल सैपिन ने मंगलवार को पनामा को फिर से काली सूची में डालने की घोषणा की, जिसमें से उसे 2011 में हटाया गया था।
अलेमन ने कहा कि पनामा के कानून के मुताबिक, पनामा उन देशों के खिलाफ बदले की कार्रवाई कर सकता है, जो उसे काली सूची में डालेगा।
पनामा के उप विदेश मंत्री लुई मिगुएल हिनकैपी ने आर्थिक सहयोग और विकास संगठन के प्रमुख एंजेल गुरिया के सोमवार के एक बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार देते हुए उस पर नाराजगी जताई।
गुरिया ने अपने बयान में कहा था कि पनामा को तत्काल वित्तीय पारदर्शिता के वैश्विक मानक लागू करने चाहिए।
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