हरारे, 11 जून (आईएएनएस)। अपना पहला एकदिवसीय मैच खेल रहे लोकेश राहुल के नाबाद 100 रनों और अंबाती रायडू के नाबाद 62 रनों के अलावा गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन की मदद से भारतीय क्रिकेट टीम ने शनिवार को तीन एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला के पहले मैच में जिम्बाब्वे को नौ विकेट से हरा दिया।
हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेले गए इस मैच में जिम्बाब्वे ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को 169 रनों का लक्ष्य दिया था, जिसे भारत ने 42.3 ओवरों में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया।
राहुल ने अपने पहले एकदिवसीय मैच में रोबिन उथप्पा के रिकार्ड को तोड़ नया कीर्तिमान स्थापित किया। राहुल भारत की तरफ से पदार्पण मैच में सर्वोच्च स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले यह रिकार्ड उथप्पा के नाम था। उथप्पा ने 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले मैच में 86 रन बनाए थे। राहुल को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
राहुल ने न सिर्फ शतकीय पारी खेली, बल्कि रायडू के साथ दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी भी की। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 162 रन जोड़े।
आसान से लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम का पहला विकेट करुण नायर (7) के रूप में गिरा। उन्हें 11 के कुल स्कोर पर टेंडाई चाटारा ने पवेलियन भेजा। नायर का भी यह पहला अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय मैच था।
इसके बाद राहुल और रायडू ने मोर्चा संभाला और अंत तक और कोई विकेट नहीं गिरने दिया। दोनों ने 38 ओवरों का सामना कर शतकीय साझेदारी को अंजाम दिया। दोनों ही बल्लेबाज किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं थे और संयम से धीरे-धीरे भारत को जीत की ओर ले जा रहे थे।
राहुल ने अपनी शतकीय पारी में 115 गेंदों का सामना किया और सात चौकों के साथ एक छक्का लगाया। वहीं रायडू ने अपनी पारी में 120 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए। राहुल ने हेम्लिटन मासाकाड्जा पर छक्का मार टीम को जीत दिलाई।
इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। जिम्बाब्वे के बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों का सामना नहीं कर पा रहे थे और लगातार अंतराल पर अपने विकेट गंवाते जा रहे थे। सिर्फ एल्टन चिगम्बुरा (41) ही टीम के लिए संघर्ष कर सके, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें साथ नहीं मिला। भारत की तरफ से जसप्रीत बुमराह ने सबसे ज्यादा चार विकेट लिए।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी नहीं रही। बरिंदर सरन ने दूसरे ओवर की अंतिम गेंद पर सलामी बल्लेबाज पीटर मूर (3) को पगबाधा कर टीम को पहली सफलता दिलाई।
इसके बाद माकाड्जा (14) ने मैदान पर कदम रखा और दूसरे सलामी बल्लेबाज चामु चिबाबा (13) के साथ पारी को आगे बढ़ाया। जब लग रहा था कि यह जोड़ी टीम को संभाल लेगी तभी धवल कुलकर्णी ने मासाकाड्जा को विकेट के पीछे महेन्द्र सिंह धौनी के हाथों कैच कर मेजबानों को दूसरा झटका दिया।
यहां से भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और लगातार अंतराल पर विकेट लेने के साथ रनों पर भी अंकुश लगा दिया।
मासाकाड्जा के बाद चिबाबा, वुसी सिबांडा (5) और क्रेग इरविन (21) पवेलियन लौट गए। टीम का स्कोर 77 रनों पर पांच विकेट हो गया था। यहां सिकंदर रजा (23) और चिगम्बुरा ने छठवें विकेट के लिए 38 रनों की साझेदारी कर टीम को संभाला। यह जिम्बाब्वे की इस मैच की सबसे बड़ी साझेदारी थी।
सरन ने रजा को बोल्ड कर इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद चिगम्बुरा दूसरे छोर पर अकेले संघर्ष करते रहे और भारतीय गेंदबाज एक छोर से विकेट लेते रहे। वह अंतिम ओवर की तीसरी गेंद पर बुमराह का शिकार बने। बुमराह ने एक गेंद बाद चाटारा (4) के रूप में मेजबानों का आखिरी विकेट अपने नाम किया।
बुमराह ने 9.5 ओवरों में 28 रन देकर चार विकेट लिए, जिनमें दो मेडन ओवर शामिल हैं। बरिंदर और कुलकर्णी को दो-दो विकेट मिले। अक्षर पटेल और अपना पहला मैच खेल रहे यजुवेन्द्र चहल को एक-एक विकेट मिला।
इस जीत के साथ ही भारत ने श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली है।
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