‘हरित इमारत के निर्माण को बढ़ावा देने की जरूरत’

नई दिल्ली, 3 मार्च (आईएएनएस)। गृह परिषद द्वारा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के साथ मिलकर यहां आयोजित 8वें गृह सम्मलेन के दूसरे दिन शुक्रवार को वक्ताओं ने हरित इमारत के निर्माण को बढ़ावा देने और वित्त पोषण करने पर जोर दिया। इस सम्मेलन की थीम ‘आदतों में बदलाव’ रखी गई है।

नई दिल्ली, 3 मार्च (आईएएनएस)। गृह परिषद द्वारा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के साथ मिलकर यहां आयोजित 8वें गृह सम्मलेन के दूसरे दिन शुक्रवार को वक्ताओं ने हरित इमारत के निर्माण को बढ़ावा देने और वित्त पोषण करने पर जोर दिया। इस सम्मेलन की थीम ‘आदतों में बदलाव’ रखी गई है।

इस सम्मेलन में ‘फाइनेंसिंग ग्रीन बिल्डिंग’ सत्र के दौरान अपने भाषण में आईएफसी के मुख्य वित्त अधिकारी सुब्रत दत्ता गुप्ता ने कहा, “सरकार का जोर बदलाव पर है। साल 2022 तक हम अगर केवल 20 फीसदी इमारतों का हरित इमारत के रूप में निर्माण करें तो करीब 20 लाख हरित घर होंगे, जिससे सालाना 4 करोड़ टन ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन कम होगा, जो करीब सड़क से 8 अरब कारों को हटाने या फिर 43 करोड़ क्यूबिक मीटर पानी बचाने के बराबर है।”

दूसरे सत्र में इमारतों में ‘ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने लिए नीतिगत बदलाव’ विषय पर गृह परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय सेठ ने कहा, “नीतिगत हस्तक्षेप नए इमारतों के साथ ही मौजूदा इमारतों के लिए भी आवश्यक है।”

उन्होंने कहा कि हरित इमारतों के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र आधारित दृष्टिकोण बनाने के लिए, सरकार, बहुपक्षीय एजेंसियों, निजी क्षेत्र और उपभोक्ता से सहयोगात्मक प्रयासों की आवश्यकता है। सरकार को किफायती आवास के लिए प्रदान प्रोत्साहन को हरित आवास की तरफ मोड़ने की जरूरत है। साथ ही कम कार्बन और ऊर्जा कुशल निर्माण प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए नीतियों में परिवर्तन करना चाहिए।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493