हिंदू और सिख परिवार में कोई भेद नहीं : योगी

मुख्यमंत्री योगी विश्वेश्वरैया हॉल में आयोजित गुरु नानक देव के 550 वें प्रकाश पर्व को समर्पित सिख सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सिख पंथ का इतिहास भारत को ऊर्जा से ओतप्रोत है। यह देश स्वतंत्र भारत में भी कश्मीर को नहीं बचा पाया। दशकों पहले न जाने कितने हिंदुओं और सिखों ने वहां से पलायन किया था। उस समय कश्मीरी पंडितों को बचाने के लिए गुरु तेग बहादुर ने बलिदान दिया।

योगी ने कहा कि कश्मीर जब तक हिंदू राज्य था तो हिंदू और सिख दोनों सुरक्षित थे। लेकिन जब हिंदू राजा का पतन हुआ तो हिंदुओं का भी पतन होना शुरू हो गया। आज वहां की स्थिति सही नहीं है और ना ही कोई अपने आप को सुरक्षित बोल सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू और सिख परिवार में कोई भेद नहीं है। केसरिया सिख परंपरा का ध्वज है और यह ध्वज कोई कांग्रेसीए बसपाई और सपाई नहीं फहरा सकता।

उन्होंने कहा, “केसरिया ध्वज और पगड़ी केवल भाजपाई और सिख लगा सकते हैं। हिंदू और सिख के बीच भेद डालने की कोशिश हो रही है, लेकिन जब भी कोई भेद डालने वाले सफल होंगे तो सिख अफगानिस्तान की तरह असुरक्षित हो जाएंगे। अफगानिस्तान में हिंदू और सिख थोड़े बचे हैं। जो हैं भी वे दीनहीन अवस्था में हैं।

उन्होंने कहा कि एक छोटी सी चूक घातक हो सकती है। अब कोई चूक का अवसर नहीं देना है।

योगी ने कहा, “प्रदेश में सिख समाज को हाथ फैलाने की जरूरत नहीं। कानपुर के दंगों की एसआईटी जांच के आदेश हमने पहले ही दे दिए हैं। प्रदेश में आठ मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। इनमें से एक कोई एक संस्था गुरु नानक देव के नाम पर बनाई जाएगी। गुरु गोविंद सिंह और गुरु तेग बहादुर सिंह के नाम पर भी प्रदेश में कोई न कोई संस्था बनेगी।”

वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सिख समाज और भाजपा दोनों दूध और चीनी के जैसे हैं, एक-दूसरे में ऐसे घुल जाते हैं कि अलग नहीं हो सकते।

उन्होंने कहा कि अभी कांग्रेस, सपा और बसपा आईसीयू में हैं और 2019 में ये दल कोमा में चले जाएंगे।

वहीं, उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि 1984 के दंगे के अपराधियों का दंड यही है कि वे जिंदगी में कभी सत्ता में वापस ना आ पाएं। 1984 के दंगों का बदला बुलेट से नहीं, आपको बैलेट से लेना है।

कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ़ महेंद्र नाथ पांडेय, संगठन महामंत्री सुनील बंसल और मंत्री बलदेव सिंह औलख भी मौजूद रहे।

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