हिंसा को महिमामंडित करने वाली सामग्री ही हटाते हैं : फेसबुक

न्यूयॉर्क, 9 जुलाई (आईएएनएस)। पिछले हफ्ते यातायात स्टॉप पर एक पुलिस अधिकारी ने फिलान्हो कास्टीले नामक जिस अफ्रीकी मूल के अमेरिकी नागरिक को गोली मार दी थी, उस घटना का वीडियो अस्थाई तौर पर हटा देने को लेकर फेसबुक तीखी आलोचना का सामना कर रहा है। इस पर सोशल मीडिया ने कहा है कि वह तभी सामग्री को हटाता है, जब वह हिंसा के गुणगान वाली होती है या उसे महिमामंडित किया जा रहा होता है।

कास्टिले की महिला मित्र डायमंड रेनाल्ड ने, पुलिस ने जैसे ही उसके मंगेतर को कार में गोली मारी उसने पूरी घटना का वीडियो जारी कर दिया था। इससे पूरे अमेरिका में और सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने गुस्से का इजहार किया था।

जब करीब 10 लाख लोगों ने उस वीडियो को सोशल मीडिया और वेबसाइट पर देख लिया, उसके बाद वह फेसबुक लाइव से गायब हो गया। फेसबुक का कहना है कि वह केवल तकनीकी खराबी की वजह से कुछ देर के लिए उपलब्ध नहीं हो पाया था। हालांकि फेसबुक ने यह नहीं बताया कि वास्तव में किस वजह से वह खराबी आई थी।

वह वीडियो करीब एक घंटे बाद फिर साइट पर नजर आने लगा था। इस बार उसके साथ चेतावनी स्वरूप लिखा हुआ था-तकलीफदेह।

प्रौद्योगिकी से जुड़ी वेबसाइट टेक्नीक्रंच ने कहा, शनिवार को फेसबुक ने लाइव वीडियो की अपनी सेंसरशिप नीति के बारे में विस्तार से बताया। यह उन सिद्धांतों का खंडन करता है कि वीडियो इस वजह से नजर नहीं आया कि फेसबुक हिचकिचा रहा था कि उसे यह दिखाते रहना चाहिए या नहीं या ऐसी बहुत सारी खबरों की वजह से कि इसमें हिंसक सामग्री है या पुलिस ने उस वीडियो को डिलीट कर दिया जिसने कास्टिले की महिला मित्र का फोन अपने कब्जे में ले लिया था और फेसबुक अकाउंट या पुलिस की ओर से उसे हटाने का आग्रह किया गया होगा।

अस्थाई तौर पर हटाने की घटना ने इसमें फेसबुक की भूमिका और ऐसी नागरिक पत्रकारिका जो विवादास्पद हो या अच्छे ढंग से चित्रित हो, उसकी जिम्मेदारियों पर सवाल उठाए।

फेसबुक का कम्युनिटी स्टैंडर्स लाइव वीडियो, फोटो और अन्य वीडियो भी लागू होता है। इसमें इसका वर्णन है किसोशल नेटवर्क पर किस चीज की इजाजत है और किसकी नहीं है, जैसे पोर्नोग्राफी से लेकर नफरत फैलाने वाले भाषण आदि।

आक्रामक होने के विभिन्न कारणों सहित उपभोक्ता किसी भी सामग्री की रपट दर्ज करा सकते हैं।

फेसबुक की कम्युनिटी स्टैंडडर्स टीम जो पूरी दुनिया में 24 घंटे काम करती है और एक भी शिकायत आने पर भी विषय वस्तु की समीक्षा करती है।

फेसबुक ने स्पष्ट किया है कि सामग्री को निजी तौर पर साझा किया गया हो या सार्वजनिक तौर पर, यह टीम उसकी समीक्षा कर सकती है।

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