शिमला, 14 मार्च (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मनाली क्षेत्र की चंदरखानी चोटी की तरफ जाने के दौरान लापता हुए दो ट्रेकरों को भी सोमवार को बचा लिया गया। ये दोनों आठ ट्रेकरों के समूह में शामिल थे। अन्य छह को रविवार को ही ढूंढ लिया गया था। सभी आठ ट्रेकर की सुरक्षित तलाश के बाद 78 घंटे चला यह अभियान समाप्त हो गया है।
इन लोगों की स्थिति अब स्थिर है। मनाली के सरकारी अस्पताल में इनका इलाज चल रहा है। इनमें से अधिकांश का संबंध पंजाब से है।
पंजाब के संगरूर जिले के संत लोंगोवाल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के सात छात्र एक ट्रैकिंग प्रशिक्षक के साथ चार दिन पहले कुल्लू जिले की चंदरखानी पहाड़ी चोटी पर ट्रैकिंग के लिए गए थे। खराब मौसम के कारण वह रास्ता भटककर फंस गए।
परगनाधिकारी (एसीडीएम) ज्योति राणा ने फोन पर आईएएनएस को बताया, “आठ में से शेष दो को भी खराब मौसम के बावजूद सोमवार सुबह चंदरखानी चोटी इलाके से हवाई सेवा द्वारा निकाल लिया गया। सबसे पहले उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया, उसके बाद उन्हें कुल्लू ले जाया गया। अब वे सभी ठीक हैं।”
राणा ने बताया, ” बचाए गए दो छात्र हितेंद्र शर्मा और अनिल कुमार रविवार को एक गुफा जैसी जगह के पास देखे गए थे। यहीं पर सभी आठ लोगों ने शरण ली थी।”
इस अभियान के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की तीन टीमों को लगाया गया था। इससे पहले स्थानीय पर्वतारोहण संस्थान के सदस्य, पुलिस कर्मी और स्थानीय लोग इन्हें ढूंढ़ने गए थे, लेकिन इन्हें सफलता नहीं मिली थी।
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