शिमला, 21 मार्च (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर में होली के अवसर पर परंपरागत तरीके से चार दिनों तक मनाया जाने वाला लोक-उत्सव धूमधाम से गुरुवार को संपन्न हुआ। यह जानकारी आयोजकों ने दी।
हालांकि राजनेता इस बार लोकसभा चुनाव के मद्देजनर आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण जानबूझकर इस उत्सव से नदारद रहे।
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का 17 मार्च को निधन हो जाने के कारण इस बार होली का उत्सव एक दिन की देर से 19 मार्च को आरंभ हुआ।
हमीरपुर जिले के सुजानपुर में होली का यह त्योहार कुछ अलग तरीके से मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1795 में हुई। इस अवसर पर लोक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिसका समापन उस दिन होता है जिस दिन पूरे देश में होली मनाई जाती है।
ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के अलावा, यह उत्सव स्थानीय लोगों के सुख व समृद्धि से भी जुड़ा है। इससे पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलता है।
मान्यता है कि होली के अवसर पर कटोच शासक आपने राजसी शान को छोड़ जनसमूह के साथ घुल-मिल जाते थे। राजमहल स्थित एक टैंक में पानी में रंग घोल दिया जाता था और संसार चंद अपनी रानियों और रिश्तेदारों को रंगीन पानी छिड़ककर उत्सव का आगाज करते थे।
उसके बाद राज परिवार हाथी पर बैठकर महल से निकलते थे और गलियों व सड़कों से गुजरते थे। रास्ते के किनारे खड़े लोग उनपर रंग फेंकते थे।
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