शिमला, 19 जून (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के उपलक्ष्य में रविवार को राजभवन में पूर्वाभ्यास योग शिविर का आयोजन किया गया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत इस पूर्वाभ्यास योग शिविर में बतौर मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित हुए और उनकी उपस्थिति में व्यापक स्तर पर लोगों ने योगाभ्यास किया।
योग शिविर का आयोजन रोटरी क्लब, शिमला के सौजन्य से किया गया।
इस मौके पर, राज्यपाल ने कहा कि 21 जून का दिन संयुक्त राष्ट्र संघ ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया है। योग हमारी प्राचीन संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे न केवल स्वस्थ शरीर की परिकल्पना की जा सकती है, बल्कि यह मन और आत्मा की शुद्धि का भी प्रमुख साधन है।
उन्होंने कहा कि मानव शरीर का तंत्र मन से संचालित होता है। यही कारण है कि ज्यादातर रोग नकारात्मक मन से पैदा होते हैं और आधुनिक विज्ञान ने भी इसकी पुष्टि की है। शरीर को संचालित करने वाली गं्रथियां भी मनोभाव के अनुरूप कार्य करती हैं। सकारात्मक सोच होगी तो इन ग्रंथियों से स्राव भी शुद्ध होगा और शरीर निरोग बनेगा। योग इसमें महत्वपूर्ण कार्य करता है।
राज्यपाल ने लोगों का आह्वान किया कि वे अपनी दिनचर्या में बदलाव लाएं और योग परंपरा का निर्वहन कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनें। उन्होंने लोगों से खानपान को लेकर विशेष ध्यान देने पर बल दिया है।
आचार्य देवव्रत ने कहा कि 21 जून को राजभवन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग शिविर का आयोजन किया जाएगा।
रविवार को योग व ध्यान साधना का प्रशिक्षण उर्मिल सिंह ने दिया। इस मौके पर जगत वर्मा द्वारा भजन गायन और भाई अमन प्रीत द्वारा शब्द कीर्तन का आयोजन भी किया गया।
राज्यपाल के सचिव पुष्पेंद्र राजपूत, रोटरी क्लब के पदाधिकारी व सदस्य, पत्रकार, राजभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा शहर के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी योग शिविर में शामिल हुए।
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