शिमला, 25 फरवरी (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने जमीनी स्तर पर महिला सशक्तीकरण के लिए गुरुवार को राज्य की सराहना की।
राज्यपाल ने विधानसभा सत्र के पहले दिन अपने औपचारिक भाषण में कहा, “यह गर्व की बात है कि हिमाचल में पंचायती राज संस्थानों में महिलाओं की भागीदारी लगभग 58 प्रतिशत हो गई है।”
राज्यपाल ने अपने भाषण में कहा कि सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में संकाय सदस्यों की सेवानिवृत्ति की उम्र 62 से बढ़ाकर 65 साल करने का निर्णय लिया है।
राज्यपाल ने हाल ही में सम्पन्न हुए स्थानीय चुनावों में लोगों की जबर्दस्त भागीदारी के लिए बधाई देते हुए कहा कि सरकार राज्य में संतुलित विकास के लिए प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के आर्थिक विकास में पर्यटन, बागवानी और पनबिजली का प्रमुख योगदान है।
राज्यपाल ने कहा कि पिछले साल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत 31 दिसंबर तक 18,27,900 राशन कार्ड धारकों को 3,81,918 टन खाद्यान्न वितरित किया गया।
उन्होंने कहा कि हिमाचल की 10,264 मेगावाट पनबिजली उत्पादन की क्षमता का पूरा दोहन किया गया है।
देवव्रत ने कहा कि राज्य में पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है और इसमें 8.98 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
विधानसभा सत्र सात अप्रैल को समाप्त होगा और इस बीच सदन की 25 बैठकें होंगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह आठ मार्च को राज्य का बजट पेश करेंगे।
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