बुधवार को एक मंच पर पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों ने नेपाल, चीन के तिब्बत के ल्हासा, भारत के सिक्किम और भूटान सहित हिमालय क्षेत्र को सीमा-पार पर्यटन मार्ग के रूप में बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा है।
हिमालयन एक्सिपीडिशन नेपाल के अध्यक्ष बिक्रम पांडेय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “चार अलग-अलग देशों के बीच स्थित प्रतीकात्मक मार्ग विदेशी पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण हो सकता है।”
पर्यटन उद्यमियों ने इस क्षेत्र में दो अलग बौद्ध एवं हिंदू सर्किट(परिपथ) पर विचार किया। उन्होंने नेपाल के काठमांडू एवं मुस्तांग, चीन के तिब्बत के ल्हासा, सागा एवं कैलाश पर्वत, भारत के गोरखपुर, वाराणसी एवं सिक्किम और भूटान के पारो सहित एक संदर्शन यात्रा मार्ग तैयार किया।
नेशनल ट्यूरिज्म फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रचंड मान श्रेष्ठ ने कहा, “शुरुआती चरण में सीमा-पार पर्यटन के लिए परिवहन, पर्यटन सुविधा और सरकारी नीतियां कठिन हो सकती हैं।”
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