नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। रियो ओलम्पिक-2016 की तैयारियों के मद्देनजर हॉकी इंडिया (एचआई) हाल ही में एटवर्प में हुए हॉकी वर्ल्ड लीग (एचडब्ल्यूएल) सेमीफाइनल्स में भारतीय टीमों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगी।
बेल्जियम की मेजबानी में हुए एचजब्ल्यूएल सेमीफाइनल्स में भारतीय सीनियर पुरुष हॉकी टीम जहां सेमीफाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थी वहीं महिला टीम को क्वार्टर फाइनल से बाहर होना पड़ा, हालांकि वे टूर्नामेंट में पांचवां स्थान हासिल करने में कामयाब रहीं।
उल्लेखनीय है कि एचआई के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा और पुरुष टीम के मुख्य कोच पॉल वैन ऐस के बीच मीडिया में आई विवाद की खबरों के बाद यह कदम उठाया गया है।
वैन ऐस राष्ट्रीय फिटनेस शिविर में हिस्सा लेने के लिए अब तक यूरोप से नहीं लौटे हैं।
बत्रा ने टीमों के प्रदर्शन के मूल्यांकन के लिए इसी महीने एक विशेष समिति का गठन किया। इस समिति में कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिसकी अध्यक्षता हरबिंदर सिंह करेंगे।
समिति के अन्य सदस्यों में बी. पी. गोविंदा, वी. बास्करन, ए. बी. सुब्बैया, थोइबा सिंह, आर. पी. सिंह, आसुंता लाकड़ा और जसजीत कौर शामिल हैं।
समिति 24 जुलाई को बैठक कर रिपोर्ट और तथ्यों की समीक्षा करेगी तथा रियो ओलम्पिक की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए टीमों के लिए आगे की कार्य योजना के लिए अपनी प्रतिक्रिया और सुझाव देगी।
एचआई के महासचिव मोहम्मद मुश्ताक अहमद ने कहा, “टीमों के प्रदर्शन पर नजदीक से नजर रखना एचआई के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि टीमें इस समय रियो ओलम्पिक की तैयारियों में जुटी हुई हैं। ऐसे में इस समय किसी तरह के कोर-कसर या त्रुटि की गुंजाइश नहीं छोड़ा जा सकता।”
एचडब्ल्यूएल सेमीफाइनल्स के जरिए भारतीय महिला टीम रियो ओलम्पिक में सीधे प्रवेश नहीं कर सकी, लेकिन पांचवें स्थान के साथ अभी भी रेस में बनी हुई है।
दूसरी ओर पुरुष टीम पिछले वर्ष एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के साथ ही ओलम्पिक में प्रवेश कर चुकी है।
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