नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली स्थित पंच सितारा होटल ताज मानसिंह की बोली की राह में अड़चन शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायाल के फैसले में दखल देने से इनकार करने के बाद दूर हो गई।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) को इस पंच सितारा होटल के लिए ई-ऑक्शन की अनुमति दी थी। एनडीएमसी अब बोली की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति मोहन एम. शांता नागौदर की अवकाश-कालीन पीठ ने टाटा समूह के इंडियन होटल कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) की याचिका स्वीकार करने से मना कर दिया। याचिका में आईएचसीएल ने कहा था कि बोली दस्तावेज में यह शामिल नहीं है कि उसे एनडीएमसी के साथ उसके मुकम्मल कार्य-व्यापार और होटल के संचालन की उसकी क्षमता की भारिता मिलेगी।
न्यायमूर्ति नागेश्वर राव ने वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा, “अगर सभी बोलीदाताओं से अगर यह कहा जाएगा कि आपको भारिता मिलेगी तो कोई बोली लगाने के लिए आगे नहीं आएगा। हम इस चरण में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं। आप बाद में आ सकते हैं।”
सिंघवी और वकील मोहन पराशरण को आईएचसीएल की याचिका वापस लेने की अनुमति प्रदान करते हुए अदालत ने कहा, “अगर बोली खुलने के बाद आपको भारिता नहीं दी जाती है तो फिर आप यहां आ सकते हैं।”
ताज मानसिंह की ई-ऑक्शनिंग की अनुमति प्रदान करने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के 22 मई के आदेश को आईएचसीएल ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।
एनडीएमसी ने 28 मई को ताज मानसिंह समेत तीन नामी होटलों का 33 साल के लिए लाइसेंस प्रदान करने की बोली की घोषणा की।
292 कमरों वाले होटल ताज मानसिंह, 85 कमरों वाले कनॉट और 38 कमरों वाले होटल एशियन इंटरनेशनल की बोली के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथियां जून में क्रमश: 19, 20 और 21 हैं।
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