पटना।। बिहार के खगड़िया जिले से दिल दहला देने वाली खबर आ रही है। खगड़िया जिले में राज्यरानी एक्सप्रेस से कटकर 35 लोगों की मौत हो गई है। यह घटना समस्तीपुर रेलवे डिविजन के धमहारा घाट स्टेशन के पास हुई है। हादसे के बाद वहां की स्थिति तनावपूर्ण है। लोगों ने ट्रेन के ड्राइवर को बंधक बना लिया है। कई बोगियों में आग लगा दी है। इतने बड़े हादसे के लिए रेल राज्यमंत्री अधीर रंजन चौधरी ने राज्य प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
बिहार के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) ए.के. भारद्वाज ने इस हादसे में 35 लोगों के मरने की पुष्टि की है। स्थानीय सांसद दिनेश चंद्र यादव ने भी 35 लोगों की मौत की पुष्टि की है।
सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल के पास कात्यायनी मंदिर है। श्रावण माह के आखिरी सोमवार होने के कारण वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा थी। वहां कांवरिए मंदिर में जल चढ़ाने आए थे। यहां प्रसिद्ध सोमवारी मेला भी लगता है। लोग ट्रैक पार कर दूसरी तरफ मंदिर की ओर जा रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, धमाराघाट एक छोटा स्टेशन है। यहां राज्यरानी एक्सप्रेस का ठहराव नहीं है। ट्रेन की स्पीड भी काफी ज्यादा थी। ट्रेन की चपेट में कई लोग आ गए। करीब 35 लोगों की मौत हो गई है। करीब 25 अन्य घायल भी हैं।
घटना से नाराज लोगों ने ट्रेन के दोनों ड्राइवरों को उतार लिया और उनकी जमकर पिटाई की है। ट्रेन में अब भी आग लगी है और उसके 4 डिब्बे जलकर खाक हो गए हैं।
हादसे के बाद रेल राज्यमंत्री अधीर रंजन चौधरी ने स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि जब वहां मेले का आयोजन होता है तो स्थानीय प्रशासन ने व्यवस्था क्यों नहीं संभाली थी। उन्होंने कहा कि मैं आम लोगों को इसके लिए जिम्मेदार नहीं मानता। उन्होंने कहा कि ट्रेन की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे थी।
समस्तीपुर के डीआरएम ने बताया कि आक्रोशित लोगों ने पूरे स्टेशन को बंधक बना लिया है। रेलवे ने मेडिकल रिलीफ वैन रवाना कर दिया है। उन्होंने कहा धमाराघाट रेलवे स्टेशन पर सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है।
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