रोम, 14 जनवरी (आईएएनएस)। साल 2016 में लगभग 25,800 किशोर प्रवासी बच्चे अकेले इटली पहुंचे। यह आंकड़ा 2015 के मुकाबले दोगुना है।
रोम, 14 जनवरी (आईएएनएस)। साल 2016 में लगभग 25,800 किशोर प्रवासी बच्चे अकेले इटली पहुंचे। यह आंकड़ा 2015 के मुकाबले दोगुना है।
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने शुक्रवार को कहा कि 2016 में कुल 28,200 बच्चों में से 90 फीसदी बच्चे समुद्र के रास्ते इटली पहुंचे।
इटली के गृह मंत्रालय का कहना है कि 2015 में देश में इस तरह के लगभग 12,360 बच्चों की संख्या दर्ज है जिसमें 2014 के मुकाबले गिरावट आई है। 2014 में 13,026 बच्चों ने अकेले ही इटली में प्रवेश किया था।
यूनिसेफ के वरिष्ठ आपातकाल प्रबंधक लूसियो मेलान्डरी ने कहा, “इन आंकड़ों से पता चलता है कि ये बच्चे अपने जान जोखिम में डालकर यूरोप पहुंच रहे हैं।”
यूनिसेफ के अनुसार, 2016 में अकेले यात्रा कर इटली पहुंचने वाले अधिकांश बच्चे इरित्रिया, मिस्र, गाम्बिया और नाइजीरया से थे। अधिकांश बच्चों की आयु 15 से 17 के बीच है और इनमें सें ज्यादातर लड़के हैं।
इटली में कई नाबालिग लड़कियो ने जनवरी 2017 में बताया कि उन्हें जबरदस्ती वेश्यावृत्ति में धकेल दिया गया।
इस आंकड़े के मुकाबले 2016 में समुद्र के रास्ते सिर्फ 17 प्रतिशत शरणार्थी या प्रवासी बच्चे ग्रीस पहुंचे।
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