3डी प्रिंटिंग ने बचाई नवजात की जान

न्यूयार्क, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका में चिकित्सकों ने हाल ही में बेहद जटिल स्थिति में जन्म लेने वाले एक नवजात की 3डी प्रिंटिंग के जरिए तैयार किए गए सिर के मॉडल की मदद से जान बचाने में कामयाबी पाई।

मेगन थॉम्पसन 30 सप्ताह से गर्भवती थीं, जब अल्ट्रासाउंड के जरिए पता चला कि उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के चेहरे पर अखरोट के आकार का एक मांसपिण्ड है, जिसके कारण जन्म के बाद बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।

थॉम्पसन को इसके बाद मिशिगन विश्वविद्यालय के सी. एस. मॉट बाल अस्पताल जाने की सलाह दी गई।

बाल अस्पताल के चिकित्सकों को निर्णय करना था कि बच्चे के सकुशल जन्म के लिए उन्हें ऑपरेशन करने की जरूरत पड़ेगी या एक बेहद जटिल प्रक्रिया अपनाना होगा।

भ्रूण का विशेष एमआरआई किया गया, जिससे चिकित्सकों ने 3डी प्रिंटिंर की मदद से भ्रूण का चेहरा तैयार करने में सफलता पाई, जिससे वह यह पता लगाने में सफल रहे कि भ्रूण के चेहरे का मांसपिण्ड कितना हानिकारक हो सकता है।

सी. एस. मॉट बाल अस्पताल के ग्लेन ग्रीन ने बताया, “हमारे पास एमआरआई से भ्रूण की जो तस्वीर थी उससे यह पता नहीं चल पा रहा था कि जन्म के बाद क्या मांसपिण्ड बच्चे को सांस लेने में परेशानी करेगा या नहीं। 3डी प्रिंटर से तैयार मॉडल के जरिए हम यह जानने में सफल रहे कि सकुशल तरीके से बच्चे का जन्म कैसे करवाया जाए।”

ग्रीन ने कहा, “हमारी जानकारी में यह पहला मामला है, जिसमें उपचार के लिए निर्णय लेने में 3डी प्रिंटिंग से मदद मिली।”

3डी प्रिंटर के जरिए तैयार मॉडल के जरिए चिकित्सकों को यह समझने में मदद मिली कि बच्चे के जन्म के लिए एक्स यूटेरो इंट्रापार्टम ट्रीटमेंट (एक्जिट) की जरूरत नहीं है।

इस चिकित्सा प्रणाली में बच्चे के जन्म के बाद भी उसे गर्भनाल से संबद्ध रहने दिया जाता है ताकि इस दौरान चिकित्सक बच्चे में श्वास संबंधी समस्या का समाधान कर सकें।

थॉम्पसन ने बच्चे को जन्म देने के बाद कहा, “जब मुझे पता चला कि जन्म के बाद मेरे बच्चे को सांस लेने में समस्या हो सकती है तो मैं बहुत डर गई थी। लेकिन जन्म के बाद जब उसने रोना शुरू किया, मेरे लिए वह एक अद्वितीय और भावुक करने वाला अनुभव था, क्योंकि मुझे समझ में आ गया था कि वह बिल्कुल ठीक है।”

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