पेंग ने बीजिंग में चीन, अफ्रीका चिल्ड्रन समर कैंप के दौरान लव इन द सनशाइन कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में यह बयान दिया। वह ट्यूबरकुलोसिस और एचआईवी/एड्स के लिए संयुक्त स्वास्थ्य संगठन की सद्भावना राजदूत भी हैं।
पेंग का कहना है कि एड्स से अनाथ बच्चे दुनिया का भविष्य हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किस देश या किस नस्ल के हैं।
उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों को प्यार और दुलार देना समाज की साझा जिम्मेदारी है ताकि उनका विकास अच्छे माहौल में हो सके।
इस समर कैंप का आयोजन 2010 से छह बार हो चुका है। इसमें चीन, दक्षिण अफ्रीका, घाना और जिम्बाब्वे के एड्स से अनाथ हुए 57 बच्चों ने हिस्सा लिया।
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