रियो डी जेनेरियो, 30 जुलाई (आईएएनएस/सिन्हुआ)। केन्या में रह रहे दक्षिण सूडान के पांच शरणार्थी ओलम्पिक एथलीट अगले महीने से शुरू हो रहे ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लेने के लिए रियो डी जेनेरियो पहुंच चुके हैं।
रियो डी जेनेरियो, 30 जुलाई (आईएएनएस/सिन्हुआ)। केन्या में रह रहे दक्षिण सूडान के पांच शरणार्थी ओलम्पिक एथलीट अगले महीने से शुरू हो रहे ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लेने के लिए रियो डी जेनेरियो पहुंच चुके हैं।
शुक्रवार को यहां पहुंचे यह एथलीट ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धा में हिस्सा लेंगे।
अंजेलिना नाडा लोहालिथ जो कि 1,500 मीटर दौड़ में हिस्सा लेंगी ने पत्रकारों को बताया, “ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लेना काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि मैं जानती हूं कि मैं यहां विश्व भर में फैले हजारों शरणार्थियों का प्रतिनिधित्तव कर करूंगी।”
उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल वैसा नहीं है जैसा उन्होंने अभ्यास के दौरान सोचा था।
उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ इतना कह सकती हूं कि हम यहां शरणार्थियों की तरह नहीं आना चाहते थे, लेकिन यह हकीकत में हुआ। अब हम लोगों के लिए कुछ सकारात्मक करना चाहते हैं। हो सकता है इससे हम विश्व के सामने अपनी समस्या बता पाएं ताकि विश्व में कम शरणार्थी हों।”
मध्य पूर्व और अफ्रीका में चल रहे युद्ध के कारण विस्थापित हुए हजारों खिलाड़ियों को ध्यान में रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) ने शरणार्थी ओलम्पिक एथलीट (आरओए) टीम का गठन किया है जो ओलम्पिक खेलों में विश्व भर के शरणार्थियों का प्रतिनिधित्व करेगी।
आरओए की टीम आईओसी के झंडे तले खेलों में हिस्सा लेगी लेकिन यह दूसरी टीमों की तरह ही होगी और उद्घाटन समारोह में भी मेजबान ब्राजील से पहले होगी।
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