नौसेना ने एक बयान में सोमवार को कहा कि सैन्य अभ्यास का उद्देश्य इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रभाव में सैनिकों के हमले की तीव्रता, शुद्धता, स्थिरता व गति को बेहतर करना है।
बयान के मुताबिक, “समुद्र में सूचना-प्रौद्योगिक आधारित युद्ध बेहद कम समय का व घातक होता है, जिसके लिए तत्काल जवाब, तुरंत तैयारी व घातक हमले की क्षमता की जरूरत होती है।”
सैन्य अभ्यास में नवल एविएशन फोर्सेज शामिल है, जिसमें पनडुब्बी, जहाज व तटरक्षक बल के सैनिक हिस्सा ले रहे हैं।
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