एक माह तक बंद रहेंगे शुभ कार्य

Shani-devहिंदू धर्म के अनुसार, 30 जून को तारा अस्त हो रहा है. इसके बाद कोई भी शुभ काम नहीं होता है. ऐसे में लोग इन दिनों जल्दी से जल्दी अपने काम निपटाने में लगे हुए हैं. चाहे घर का मुहूर्त हो, नई गाड़ी खरीदनी हो या फिर लड़की देखने जाना हो.

तारा करीब एक महीने के लिए हर साल डूबता है. मानना है कि तारा डूबते के साथ ही देवता एक महीने के लिए गहरी नींद में सो जाते हैं. इस दौरान एक माह तक कोई भी शुभ कार्य नहीं होता. जब तारा डूबता हैं तो उस दौरान शादी, सोना खरीदना, रिश्ता तय करना, नया कारोबार करना और घर बनवाने जैसे शुभ काम नहीं होते हैं. ऐसे में अधिकांश लोग अभी अपने जरूरी काम करवा रहे हैं.

वक्रीय हुए शनि

ज्योतिष के अनुसार कुंडली में शनि की स्थिति बहुत अहमियत रखती है. शनि 26 जून 2012 को प्रात: 5 बजकर 40 मिनट पर लगभग 28 डिग्री अंश के साथ शनि मार्गी हो रहा है. अभी शनि मार्गी होगा किंतु कन्या राशि में ही रहेगा और 1 अगस्त 2012 को तुला राशि में प्रवेश करेगा. शनि का विचरण दो तरह का होता है. एक वक्री दूसरा मार्गी गति. वक्री का मतलब विपरित दिशा में चलना है और मार्गी का मतलब होता है सही दिशा में चलना. 26 जून से पूर्व शनि वक्री चल रहा था. इसी वजह से इसने तुला राशि से पीछे की ओर कन्या में प्रवेश किया था. अब शनि मार्गी हो जाएगा और कन्या राशि से आगे की ओर तुला में 1 अगस्त 12 को प्रवेश करेगा.

शनि के तीन चंद्रमा होते हैं. शनि का रंग नीला होता है. शनि यह ग्रह लगभग ढाई वर्ष में अपनी राशि बदलता है. नवंबर 2011 में ही यह कन्या से तुला राशि में आया था. इसके बाद शनि वक्री हुआ और 19 मई 2012 को वापस कन्या में चला गया था.

शनि के मार्गी होने के प्रभाव

पिछले कई वर्षों से जहां बारिश नहीं हो रही है वहां पर जमकर बारिश होगी. पूर्वोत्तर राज्यों में जोरदार वर्षा के संकेत हैं. मिथुन, सिंह एवं कुंभ राशि के जातकों के लिए यह काल सुखमय होगा. शनि कुछ प्राकृतिक आपदाएं भी उत्पन्न कर सकता हैं. मंहगाई पर कोई असर नहीं होगा. किसानों के लिए दुख है कि बीजों के दामों में वृद्धि के योग बन रहे हैं.

फसलों पर टिड्डियों की बुरी नजर है. राजनीति में शनि का मार्गी होना बड़ा अहम माना जाता है. राजसत्ता में परिवर्तन का संयोग बनाएगा. कई नेताओं का पद में फेरबदल हो सकता है. शनि पर गुरु की पूर्ण दृष्टि बनी हुई है इससे जनता के मध्य धार्मिक भावनाएं अधिक रहेगी. इस दौरान धार्मिक आयोजनों की अधिकता रहेगी. डीजल के दामों में भी वृद्धि के आसार बने हुए हैं. आवश्यक वस्तुओं के दामों में वृद्धि हो सकती है.

 

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