यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि इस धन का इस्तेमाल जीका वायरस से माइक्रोसेफली और अन्य प्रतिकूल परिणामों का जल्द से जल्द पता लगाने में किया जाएगा।
इस राशि से राज्यों और क्षेत्रों को जीका वायरस के कारण माइक्रोसेफली के साथ जन्म लेने वाले शिशुओं को उचित स्वास्थ्य एवं अन्य सेवाएं मुहैया कराने में भी मदद मिलेगी।
सीडीसी के निदेशक टॉम फ्रीडन ने बताया, “जीका वायरस से संबंधित विकारों के साथ जन्म लेने वाले शिशुओं की पहचान करना महत्वपूर्ण है, ताकि हम उनके और उनके परिवार की मदद कर सकें।”
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