रायगढ़ (महाराष्ट्र), 3 अगस्त (आईएएनएस)। मुंबई-गोवा राजमार्ग पर भारी बारिश के कारण मंगलवार देर रात एक पुल ढह जाने के बाद 22 यात्रियों को ले जा रही दो बसें बाढ़ के पानी में बह गईं। कुछ अन्य वाहन भी लापता हैं, जिनकी तलाशी के लिए अभियान चलाए गए हैं।
बाढ़ के पानी में बहने वाली बसें महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम की हैं। राज्य सरकार, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक (आईसीजी) ने बसों तथा अन्य वाहनों की जांच के लिए हवाई व समुद्री अभियान शुरू किए हैं। बसों के अतिरिक्त पांच अन्य वाहन भी लापता हैं, जिनके तटीय कोंकण क्षेत्र में अरब सागर में बह जाने की आशंका है।
एक अधिकरी ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, मंत्री और रायगढ़ की कलेक्टर शीतल उगले स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फड़णवीस से बात की और उन्हें बचाव अभियानों में मदद का प्रस्ताव दिया है।
आईसीजी ने बसों की तलाश के लिए चेतक और सीकिंग हेलीकॉप्टर्स तैनात किए हैं।
एनडीआरएफ की एक टीम पुणे के लिए रवाना हो गई है, जबकि पुलिस और नौसेना के गोताखोरों ने समुद्र में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
दोनों बसों में से एक जयगढ़-मुंबई सेवा की बस एस.एस. कांबले चला रहे थे और इसमें कंडक्टर वी.के. देसाई थे, जबकि राजापुर-बोरीवली (उत्तर मुंबई) सेवा की बस ई.एस. मुंडे चला रहे थे और इसमें पी.बी. शिर्के कंडक्टर थे। दोनों बसें रत्नागिरी में चिपलुन बस डिपो की थीं।
भारी बारिश के कारण सावित्री नदी में बाढ़ आ गई थी, जो महाबलेश्वरम से निकलती है और रत्नागिरी-रायगढ़ जिलों से बहती है। बाढ़ के कारण महद के नजदीक ब्रिटिश काल में बना पुल मंगलवार रात करीब एक बजे ढह गया।
रायगढ़ की कलेक्टर शीतल उगले ने बताया कि राज्य परिवहन की दो बसें लापता हैं और उनके चालकों या यात्रियों में से किसी से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। दोनों बसों में 11-11 यात्री सवार थे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब पांच से छह निजी वाहन भी लापता हैं। उन्होंने आशंका जताई कि वे वाहन बाढ़ के पानी में बह गए होंगे।
उगले ने कहा, “पुल का निर्माण ब्रिटिशकाल में किया गया था। राष्ट्रीय राजमार्ग प्रशासन से चर्चा करने के बाद हमने यातायात को नजदीकी समानांतर पुल पर स्थानांतरित कर दिया है। हम अन्य वाहनों के लापता होने की खबरों की पुष्टि करने का प्रयास कर रहे हैं।”
पुनर्वास मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि लापता वाहनों की खोजबीन के लिए हेलीकॉप्टर्स और रक्षा बलों की मदद ली जा रही है।
तटीय कोंकण और उत्तरी तथा पश्चिमी महाराष्ट्र में पिछले पांच दिनों से लगातार बारिश जारी है, जिसके चलते पिछले 24 घंटों में बारिश के कारण दुर्घटनाओं में कम से कम 10 लोग जान गंवा चुके हैं।
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