एडिनबर्ग, 5 अगस्त (आईएएनएस)। रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड ने साल की पहली छमाही में दो अरब पाउंड घाटे की जानकारी दी है। बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इसके पीछे ‘विरासत में मिले मुद्दे’ को कारण बताते हैं।
मुख्य कार्यकारी रॉस मैकइवॉन ने बीबीसी से कहा कि उन्होंने पिछले दो सालों में कई सारे विरासत में मिले मुद्दों को यथासंभव सुलझाने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने माना कि इसका असर 2017 में भी जारी रहेगा।
विरासत में मिले मुद्दों में प्रमुख रूप से ग्राहकों को गलत तरीके से बेचे गए पीपीआई (पेमेंट प्रोटेक्शन इंश्योरेंस) का मुद्दा और 2008 के वित्तीय संकट के दौरान 12 अरब पाउंड के राईट्स इश्यू से जु़ड़ी मुकदमेबाजी है।
बीबीसी के मुताबिक, पिछले छह महीनों में आरबीएस ने उन ग्राहकों को मुआवजा देने के लिए अलग से 4.5 करोड़ पाउंड रखा है, जिन्हें गलत तरीके से पीपीआई बेची गई थी। इस घोटाले की कुल कीमत पांच अरब पाउंड से भी अधिक है।
मैकइवान का कहना है, “ये वो मामले हैं, जिसके कारण कंपनी परेशानी में हैं और इनमें से कई तो 10 साल पुराने मामले हैं। पीपीआई का मुद्दा 1993 का है, जिसे हम सुलझा रहे हैं। मेरे लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि हम बेहद मजबूत बैंक हैं, जो इन झटकों से झेल सकता है।”
शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में आरबीएस के शेयरों में 3.7 फीसदी गिरावट देखी गई और इसकी कीमत 184.8 पाउंड थी।
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