रियो डी जेनेरियो, 6 अगस्त (आईएएनएस)। रियो ओलम्पिक में जहां एक ओर पहली बार शरणार्थियों का दल हिस्सा लेकर चर्चा का विष बना हुआ है वहीं अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) द्वारा पहली बार ‘ओलम्पिक लॉरेल’ पुरस्कार की भी शुरुआत की गई है।
‘ओलम्पिक लॉरेल’ पुरस्कार को पाने वाले पहले व्यक्ति रहे दिग्गज ट्रैक एंड फील्ड एथलीट तथा केन्या ओलम्पिक समिति (केओसी) के अध्यक्ष केपचोगे केइनो।
केपचोगे को शिक्षा, विकास और खेलों में दिए गए उनके योगदान के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
माराकाना स्टेडियम में अपने पुरस्कार को स्वीकार करने के लिए केपचोगे को एक अलग ही रूप में प्रवेश करते देखा गया। उन्होंने पतंग को हाथों लहराते हुए आए बच्चों के साथ स्टेडियम में प्रवेश किया।
केन्या के दो बार के ओलम्पिक स्वर्ण पदक विजेता ने पुरस्कार स्वीकार करने के बाद स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को संबोधित करते हुए उन्होंने ओलम्पिक परिवार में शामिल सदस्यों को युवाओं पर काम करने के लिए कहा।
केपचोगे ने कहा, “हम इस दुनिया में कुछ लेकर नहीं आए थे और इस दुनिया से कुछ भी लेकर नहीं जाएंगे।”
उन्होंने कहा, “मेरे साथ जुड़ें और इस दुनिया के युवाओं का समर्थन करें, ताकि मानवता, भोजन, आवास और शिक्षा की मूलभूत चीजों को हासिल कर सकें। शिक्षा से न केवल युवा सशक्त होंगे, बल्कि एक बेहतर नागरिक भी बन पाएंगे और भविष्य के सक्षम नेता भी।”
केपचोगे ने कहा कि इससे एक नए बदलाव में काफी मदद मिलेगी। अपने करियर से संन्यास के बाद वर्तमान में वह अनाथ बच्चों के लिए एक संगठन चलाते हैं तथा उन्होंने किप केइनो नामक स्कूल का भी निर्माण किया है।
ब्राजील के माराकाना स्टेडियम में शुक्रवार को (भारतीय समयानुसार शनिवार सुबह 4.30 बजे) 31वें ओलम्पिक खेलों का रंगारंग आगाज हुआ।
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