दरअसल, दयाशंकर को एससी और एसटी कोर्ट के तहत एडीजे डॉक्टर अजय कुमार की कोर्ट ने शनिवार को ही रिहा कर दिया गया था। लेकिन जेल में परवाना विलंब से मिलने पर रिहाई नहीं हो सकी थी। रविवार की सुबह से अपने नेता की रिहाई को लेकर काफी संख्या में उनके समर्थक जेल पर पहुंचे।
सुबह सात बजकर 36 मिनट से दयाशंकर बैरक नंबर 11 से रिहा किए गए। जैसे ही जेल के मुख्य गेट पर आये समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए अपने नेता का स्वागत किया। जेल से निकले स्वाती सिंह के पति दयाशंकर हालांकि मीडिया के सवालों से बचते रहे।
उन्होंने मीडिया से कहा, “सबसे पहले मैं लखनऊ जाकर अपनी बीमार मां, पत्नी और बेटी से मिलूंगा, उसके बाद ही मीडिया से कोई बात करूंगा।”
बसपा द्वारा उनकी जमानत को उच्च न्यायालय में चुनौती दिए जाने के संबंध में उन्होंने कहा, “हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।”
रिहाई के बाद दयाशंकर सिंह सीधे मां वनदेवी धाम मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की, ताकि वनदेवी उन्हें मायावती के कोप से बचाए रखें।
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