रियो डी जनेरियो, 11 अगस्त (आईएएनएस)। ब्राजील की मेजबानी में चल रहे ओलम्पिक खेलों के छठे दिन गुरुवार को भारतीय पुरुष हॉकी टीम को नीदरलैंड्स के हाथों ग्रुप मुकाबले में 1-2 से हार झेलनी पड़ी, लेकिन भारतीय टीम के सदस्य रुपिंदर पाल सिंह ने जरूर एक नई उपलब्धि हासिल कर ली।
रियो ओलम्पिक में अब तक भारत के लिए तीन गोल कर चुके ड्रैग फ्लिकर विशेषज्ञ रुपिंदर ने गुरुवार को नीदरलैंड्स के खिलाफ मैदान पर उतरने के साथ अंतर्राष्ट्रीय हॉकी में 150 मैचों का कीर्तिस्तंभ छू लिया।
पंजाब के फरीदकोट के निवासी रुपिंदर का यह पहला ओलम्पिक है। रुपिंदर ने मई, 2010 में मलेशिया के आइपोह में हुए सुल्तान अजलान शाह कप से अंतर्राष्ट्रीय करियर की शुरुआत की और भारत को खिताब जिताने में अहम भूमिका अदा की।
पदार्पण के अगले वर्ष ही रुपिंदर ने अंतर्राष्ट्रीय हॉकी में अपना पहला हैट्रिक लगाया। सुल्तान अजलान शाह कप-2011 में रुपिंदर ने ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की। वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी भी रहे।
रुपिंदर ने एक बार फिर 2013 में सुल्तान अजलान शाह कप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी का अवार्ड हासिल किया। इसी वर्ष रुपिंदर ने एशिया कप में भारत के लिए सर्वाधिक छह गोल दागे और भारत को रजत पदक दिलवाया।
राष्ट्रमंडल खेलों-2014 में रजत पदक हासिल करने वाली भारतीय टीम में भी रुपिंदर की भूमिका बेहद अहम रही। उन्हें विश्व कप-2014 के लिए उप-कप्तान बनाया गया। रुपिंदर एशियन खेलों-2014 में स्वर्ण जीतने वाली और एफआईएच हॉकी लीग-2015 में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी अहम हिस्सा रहे।
रुपिंदर की इस उपलब्धि पर हॉकी इंडिया (एचआई) के महासचिव मोहम्मद मुश्ताक अहमद ने एक वक्तव्य जारी कर उन्हें बधाई दी।
मुश्ताक अहमद ने कहा, “रुपिंदर रियो में बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं और पिछले कई वर्षो से भारतीय टीम का अहम हिस्सा बने हुए हैं। भारत के लिए 150वां मैच खेलने की उन्हें बधाई और रियो में आगामी मैचों के लिए शुभकामनाएं।”
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