भारतीय जनता पार्टी से निकाले गए दयाशंकर ने यहां शुक्रवार को कहा, “पार्टी ने मुझे निकाला है, मैं स्वयं थोड़े ही अपने मन से पार्टी से निकला हूं।”
उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने विशेष बातचीत में अपने मन की व्यथा बताते हुए कहा कि भाजपा उनके उनके हीमोग्लोबिन में है।
उप्र सरकार और यहां की कानून-व्यवस्था पर अपनी नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा, “अखिलेश सरकार की व्यवस्था और उनका न्याय मेरे ही प्रकरण से देखा जा सकता है कि मेरे गुनाहों की सजा मुझे गिरफ्तार कर जेल तक भेजा गया लेकिन आज तक नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत बसपा के गुनहगारों की गिरफ्तारी नहीं की गई।”
उन्होंने कहा, “मुझे तो मेरे गुनाह की सजा मेरी पार्टी और कानून दोनों ने ही दी, लेकिन मेरे गुनहगारों को यह सरकार सजा नहीं दिलवा पा रही है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ओर राम अचल राजभर जैसे बसपा नेता विधानमंडल दल के कार्यालय में खुलेआम प्रेसवार्ता करते हैं। यह अन्याय है।”
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