लेकिन आईएमएफ का मानना है कि देश को स्थाई तौर पर आर्थिक बदलाव के लिए ऋण में वृद्धि पर लगाम लगाने की जरूरत है।
आईएमएफ ने शुक्रवार को जारी रपट में कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था 2016 में 6.6 प्रतिशत बढ़ सकती है, जबकि महंगाई दर दो प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
चीन के लिए आईएमएफ मिशन प्रमुख जेम्स डेनियल ने कहा, “हमारा चीन के विकास दर को लेकर परिदृश्य सकारात्मक है, क्योंकि चीन ने उच्च आय अर्थव्यवस्थाओं के साथ लगातार संसाधनों को जुटाना जारी रखा है।”
समाचार पत्र ‘पीपुल्स डेली’ ने डेनियल के हवाले से बताया, “कई देश चीन की विकास दर हासिल करने का सिर्फ सपना देख सकते हैं और बमुश्किल ही उसे हासिल कर सकते हैं, जो चीन के नीति निर्माताओं के सकारात्मक सुधारों को दर्शाता है।”
आईएमएफ को उम्मीद है कि चीन का आर्थिक बदलाव जारी रहेगा और यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक होगा।
इस रपट में यह भी बताया गया है कि चीन की मुद्रा युआन आईएमएफ के बुनियादी बिंदुओं के अनुरूप रही है और उन्होंने अस्थाई विनिमय दर क्षेत्र की तरफ चीन के कदमों की भी सराहना की है।
रपट के मुताबिक, चीन प्रशासन ने सहमति जताई है कि चीन के कॉरपोरेट ऋण में अत्यधिक वृद्धि हुई है, लेकिन चीन ने यह भी कहा है कि देश में घरेलू बचत भी अत्यधिक है।
चीन प्रशासन को देश की विकास दर छह से सात प्रतिशत के दायरे में रहने की उम्मीद है।
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