नैरोबी, 14 अगस्त (आईएएनएस)। रियो ओलम्पिक से निलंबित किए गए केन्या के धावक कोच ने पुरुषों की 800 मीटर रेस स्पर्धा के एथलीट फग्र्युसन रोटिच को डोप टेस्ट से बचाने के लिए उनका भेष धरने के आरोप से इनकार किया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कोच जॉन अंजरा ने शनिवार को यहां पहुंचने के बाद सभी परिस्थितियों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि वह केन्याई राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (एनओसीके) द्वारा किसी गलतफहमी का शिकार हुए हैं।
अंजरा ने संवाददाताओं को बताया, “हम छह अगस्त को केन्याई टीम के साथ रियो पहुंचे थे। हमें तीन कमरों वाले घर में ले जाया गया और एनओसीके अधिकारियों द्वारा बिना बुनियादी सुविधाओं के छोड़ दिया गया।”
उन्होंने कहा, “हमें सोमवार को तीन बजे तक खाना भी नहीं मिला था और न ही ओलम्पिक खेलों के लिए मान्यता मिली थी। केन्या के पास 36 पास ही थे।”
कोच को अगले ही विमान से वापस भेज दिया गया, क्योंकि उन्हें रोटिच का मान्यता प्राप्त कार्ड पहने देखा गया था। रोमांचक बात यह है कि उसी दिन केन्याई एथलीट का डोप टेस्ट होना था।
कोच का दावा है कि उन्होंने अधिकारियों को समझाने की काफी कोशिश की लेकिन उन्होंने मान्यता प्राप्त कार्ड लेकर स्टेशन की ओर जाना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने साथी कोच जोसेफ मोसोनिक को इसकी जानकारी दी।
केन्या की धावक टीम के कोच ने कहा कि वह केवल ओलम्पिक खेल गांव में प्रवेश कर सकते थे और उन्हें भोजन आदि की सुविधा का आश्वासन नहीं दिया गया था।
अंजरा ने कहा कि बुधवार को रोटिच ने उन्हें अपना कार्ड देते हुए नाश्ते के लिए जाने को कहा। उन्होंने कहा, “जैसे ही मैं खाने जा रहा था, तभी डोपिंग नियंत्रक अधिकारी आए और मुझे अपने साथ जाने को कहा।”
इसके बाद यह सारी घटना हुई। कोच ने ओलम्पिक खेल गांव आकर सारी बात केन्या के चीफ दे मिशन के बताई। उन्होंने सारे मुद्दे की जानकारी दी।
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