इस अवसर पर सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस आर्गनाइजेशन द्वारा कुंवर बाई को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे। सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस आर्गनाइजेशन के नई दिल्ली प्रमुख सुरेश प्रसाद ने वीएनएस को दूरभाष पर बताया कि 17 सितंबर को समारोह में प्रधानमंत्री के प्रतिनिधि मनोज सिन्हा शामिल होंगे। पहले समारोह में प्रधानमंत्री आने वाले थे।
कुंवर बाई यादव 7 महीने में दूसरी बार सम्मानित होगी। इससे पहले 21 फरवरी 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला राजनांदगांव के कुरूभात गांव में ‘आर-अर्बन मिशन’ के शुभारंभ के दौरान कुंवर बाई को सम्मानित किया था। मोदी ने मंच पर ही कुंवर बाई के पांव भी छुए थे। बकरियां बेचकर शौचालय बनाने वाली कुंवरबाई को कलेक्टर ने ओडीएफ का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया था।
प्रधानमंत्री ने कुंवर बाई के सम्मान के बाद कहा, “104 वर्षीय एक बूढ़ी महिला जो एक दूर दराज के गांव में रहती है, टीवी नहीं देखती न ही समाचार पत्र पढ़ती है, लेकिन स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनाने का संदेश किसी न किसी तरह उन तक पहुंच गया। उन्होंने अपने घर में शौचालय बनाने के लिए अपनी बकरियां बेच दी और गांव के अन्य लोगों को भी इसे बेचने के लिए प्रेरित किया।” कुंवर बाई ने अपने घर में दो शौचालय बनाने के लिए 8-10 बकरियां बेची थीं।
बताया जाता है कि दिल्ली में सम्मान ग्रहण करने कुंवरबाई 15 सितंबर को रवाना होगी। कुंवरबाई के अनुसार, वह ग्रामीण लिबास में ही अपनी बुढ़ापे की लाठी के साथ जाएंगी। कुंवरबाई का कहना है कि प्रधानमंत्री उनके बेटे के समान है। सम्मान से वह खुश हैं, लेकिन दो लाख रुपये मिलने की खबर छपेगी तो उन्हें मारकर कोई रकम न हड़प ले, इस बात का डर है।
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