मौर्य ने कहा कि बसपा को 2017 में बुरी स्थिति का सामना करना पड़ेगा। मायावती की हाल ही में संपन्न हुई चार चुनावी रैलियों पर निशाना साधते हुए मौर्य ने कहा है कि बसपा की रैलियां असफल हैं, किराए की भीड़ उत्साहहीन है।
मौर्य ने कहा, “मुख्य विपक्षी दल का जनादेश पाने के साढ़े चार साल बाद भी बहन जी जनता के बीच नहीं गई हैं। चुनाव निकट आते ही रैली के माध्यम से चार बार की मुख्यमंत्री जी ऐसे डाक्टर की तरह इलाज करना चाहती हैं, जो पेट में दर्द का इलाज के लिए सिर का इलाज करते हैं।”
मौर्य ने कहा कि बाबा साहेब का अपमान उनके ‘भतीजे’ के मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य आजम खां ने किया, लेकिन जब तक भारतीय जनता पार्टी बाबा साहेब के अपमान के विरोध में सड़कों पर नहीं उतरी, तब तक मायावती ने आजम खां के विरुद्ध बयान देना भी वाजिब नहीं समझा। उन्होंने कहा कि बसपा के नेता और कार्यकर्ता बसपा की तुष्टीकरण की राजनीति से गुस्से में हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने मायावती का आचरण दलित विरोधी करार देते हुए कहा, “बसपा नेताओं ने मुझे बताया है कि बहन जी का मानना है कि दलितों का जितना उत्पीड़न होगा, बसपा का वोट उतना ही पक्का होगा।”
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