नाईक ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लघु सिंचाई एवं पशुधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा, वहीं समाज कल्याण मंत्री राम गोविंद चौधरी को अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, सैनिक कल्याण और पंचायती राज विभाग तथा मूलचंद चौहान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को खाद्य प्रसंस्करण, भूतत्व एवं खनिकर्म का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनके पास पहले से उद्यान विभाग का प्रभार था।
गौरतलब है कि हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खनन घोटाले मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद आज मुख्यमंत्री ने यह कदम उठाया है। अखिलेश के इस कदम को ‘डैमेज कंट्रोल’ बताया जा रहा है। प्रदेश में कम समय में ही लंबी छलांग लगाने वाले गायत्री प्रसाद प्रजापति कैबिनेट मंत्री के रूप में भूतत्व एवं खनिकर्म मंत्रालय संभाल रहे थे।
गायत्री प्रसाद प्रजापति पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगते आए हैं। ऐसे में अपनी सरकार की छवि को बेहतर बनाने के लिए अखिलेश यादव ने यह अहम फैसला लिया है। प्रजापति को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का करीबी माना जाता है। आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने प्रजापति के खिलाफ लोकायुक्त से शिकायत की थी, जिस पर कथित रूप से मुलायम सिंह ने आईपीएस अमिताभ को फोन पर धमकी दी थी। फोन पर धमकी की बात सार्वजनिक करने पर अमिताभ ठाकुर को निलंबित कर दिया गया था।
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