वहीं मुजफ्फरनगर के जनसूचना अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस तरह सभी आठ जनसूचना अधिकारियों पर कुल 75,000 रुपये का जुर्माना लगा है।
दरअसल, राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 20 के तहत इन आठ अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि वादी को 30 दिन के अंदर अनिवार्य तौर पर सूचना उपलब्ध कराएं। 30 दिन के अंदर सूचना देना नियम के तहत अनिवार्य है।
अधिनियम की धारा 19 (7) के तहत आयोग का आदेश बाध्यकारी भी है। लेकिन इन अधिकारियों ने आदेश के बाद भी वादी को 30 दिन के अंदर न तो सूचना उपलब्ध कराई और न ही आयोग में उपस्थित हुए, जिस पर सूचना आयुक्त उस्मान ने आठ जन सूचना अधिकारियों को दोषी मानते हुए 75 हजार रुपये दंड लगाया गया है।
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