लंदन, 15 सितम्बर (आईएएनएस)। ब्रिटेन में श्रीलंका के एक शरणार्थी को यौन अपराध के 30 महीने कैद की सजा दी गई है।
‘डेली मेल’ की बुधवार रात की रिपोर्ट के अनुसार, 31 वर्षीय शिवराजा सुगंथन पर यौन अपराध का मामला साबित हुआ है। उसे 2011 में स्वदेश भेजा जा रहा था, लेकिन ब्रिस्टल वेस्ट से लिबरल डेमोक्रेट सांसद की अगुवाई में चलाए गए अभियान के बाद उसे यहां रहने की अनुमति दे दी गई। उस पर इसके तीन साल बाद एक युवती से जबरन यौन संबंध बनाने का अपराध साबित हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, सुगंथन (सिवा) के निर्वासन पर रोक लगाने की याचिका पर 800 लोगों ने हस्ताक्षर किए थे। अभियान की सफलता के बाद वह अपने दोस्तों के साथ ब्रिस्टल रहने चला गया था।
दो बच्चों के पिता सुगंथन पर 2014 में एक 21 वर्षीय युवती को साथ में रात बिताने का प्रस्ताव देने और युवती द्वारा इससे इनकार किए जाने पर एक नाइट शेल्टर में जबरन उसके साथ यौन संबंध बनाने का आरोप साबित हुआ है।
यह घटना फरवरी 2014 की है। घटनास्थल पर मौजूद डीएनए से साबित हो गया है कि इस वारदात को अंजाम देने वाला सुगंथन ही था, जिसके बाद फौरन उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले भी वह चोरी के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है।
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