बंगबंधु के हत्यारे के प्रत्यर्पण पर चर्चा के लिए सहमत कनाडा

ओट्टावा/ढाका, 17 सितम्बर (आईएएनएस)। कई वर्षों तक इनकार करने के बाद कनाडा बांग्लादेश के साथ देश के सर्वाधिक वांछित भगोड़े नूर चौधरी के प्रत्यर्पण पर बातचीत के लिए तैयार हो गया है। चौधरी पर बांग्लादेश के संस्थापक ‘बंगबंधु’ शेख मुजीबुर रहमान पर गोली चलाने का आरोप है। उसी गोली से रहमान की मौत हुई थी।

डेली स्टार में शनिवार को प्रकाशित रपट के अनुसार, “बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और कनाडा के उनके समकक्ष जस्टिन टड्र्यू के साथ शुक्रवार को कनाडा के हयात रिजेंसी मॉन्ट्रियल में हुई मुलाकात के दौरान बैठक में यह तय किया गया।”

बांग्लादेश के विदेश सचिव मुहम्मद शाहिदुल हक ने मीडिया को बताया कि दोनों नेता टोरंटो निवासी नूर का प्रत्यर्पण किस तरह हो, इस पर विचार-विमर्श करेंगे। नूर की उम्र 70 साल से अधिक है।

उन्होंने कहा, “इस चर्चा का मकसद नूर चौधरी को न्याय के दायरे में लाना और बंगबंधु हत्याकांड में फैसले को अमल में लाना है।”

वर्ष 2011 में ढाका में कनाडा के तत्कालीन राजदूत ने यह कहकर विवाद पैदा कर दिया था कि कनाडा नूर का पत्यर्पण नहीं कर सकता, क्योंकि उसे अपने देश में मौत की सजा हो सकती है।

नूर बांग्लादेश की सेना का एक पूर्व अधिकारी रहा है। उसे बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान की 1975 के अगस्त में हुई हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया था।

दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच व्यापार, निवेश और वस्त्र निर्यात को बढ़ावा देने जैसे अन्य मुद्दों पर भी बातचीत हुई।

बांग्लादेश सरकार लंबे समय से शेख मुजीबुर रहमान के कई हत्यारों को वापस लाने के लिए बातचीत करती रही है।

कुल 12 लोगों को उस हत्याकांड का दोषी करार दिया गया था। उनमें से पांच को फांसी दे दी गई, जबकि अजीज पाशा की जिम्बाब्वे में मौत हो गई।

खांडकर अब्दुर राशिद, शरीफुल हक दलीम, नूर चौधरी, मोस्लेहुद्दीन खान, अब्दुल माजिद और एम. राशिद चौधरी कुल पांच हत्यारे अभी फरार हैं।

इनमें से नूर चौधरी कनाडा में है। उसे राजनीतिक शरण देने से इनकार कर दिया गया है, लेकिन मौत की सजा की संभावना के कारण कनाडा ने उसे वापस भेजने से इनकार कर दिया है।

बांग्लादेश सरकार मानती है कि दूसरा अभियुक्त मोस्लेहुदीन खान अमेरिका में छुपा है।

हक ने कहा कि हसीना ने कनाडा के प्रधानमंत्री को बांग्लादेश आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।

टड्र्यू ने हसीना से कहा कि वह जल्द ही बांग्लादेश आएंगे, क्योंकि जब वह 1983 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री व अपने पिता पिएरे इलियट टड्र्यू के साथ बांग्लादेश आए थे, तब की धुंधली यादें उनकी जेहन में हैं।

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