नई दिल्ली, 20 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार की बैठक में रेल बजट को आम बजट में मिलाने तथा संसद के शीतकालीन सत्र को नवंबर के दूसरे हफ्ते में आयोजित करने पर चर्चा की जाएगी।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि मंत्रिमंडल और संसदीय मामलों की समिति इन मुद्दों पर आधिकारिक सिफारिश करेगी। इसके अलावा बजट सत्र को जनवरी अंत में प्रस्तुत करने पर भी फैसला किया जाएगा।
यह कदम वस्तु एवं सेवा कर को एक अप्रैल से लागू करने के लिए भी उठाए जा रहे हैं, ताकि सरकार को इस विधेयक को संसदीय मंजूरी दिलवाने के लिए पर्याप्त समय मिले।
वहीं, संसद का शीतकालीन सत्र नवंबर के दूसरे हफ्ते में रखने से केंद्रीय जीएसटी विधेयक और एकीकृत जीएसटी विधेयक के जल्द पारित करने में मदद मिलेगी।
सूत्र ने बताया कि दिसंबर के पहले सप्ताह तक सरकार सभी विधायी काम खत्म कर लेना चाहती है।
सूत्र ने कहा कि वित्त मंत्रालय रेल बजट को आम बजट के साथ ही मिलाने पर काम कर रहा है। नए प्रस्ताव के मुताबिक एकीकृत बजट को 31 जनवरी तक दोनों सदनों में प्रस्तुत कर दिया जाएगा।
सरकार के सूत्रों ने बताया कि रेल बजट को आम बजट में मिलाने से नकदी संकट से जूझ रही भारतीय रेल को सालाना 10,000 करोड़ रुपये की बचत होगी।
dharmpath.com dharmpath