एशिया की सबसे जटिल हीरो एमटीबी हिमालया रैली रविवार से

शिमला, 24 सितंबर (आईएएनएस)। दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण ट्रैक साइकिलिंग रैलियों में से एक और एशिया की सबसे जटिल माउंटन बाइक प्रतियोगिता हीरो एमटीबी हिमालया रैली का 12वां संस्करण रविवार को शिमला से शुरू होगा।

हिमाचल के सुदूर तिब्बती धर्मस्थल धर्मशाला में तीन अक्टूबर को आखिरी फिनिश लाइन तक पहुंचने से पहले यह रैली 650 किलोमीटर दूरी तय करेगी और इस दौरान रैली दुनिया की दूसरे सबसे ऊंचे पैराग्लाइडिंग स्थल बीर बिलिंग जैसे दुरूह रास्तों से होकर गुजरेगी।

इस रैली का आयोजन करने वाली हिमालयन एडवेंचर स्पोर्ट्स एंड टूरिज्म प्रमोशन एसोसिएशन (हस्तपा) के प्रवक्ता आशीष सूद ने बताया कि इस बार एमटीबी हिमालया रैली सबसे चुनौतीपूर्ण होगी और कई नई पहलों का गवाह बनेगी।

आशीष ने कहा, “रैली में पहली बार ग्रैंड मास्टर श्रेणी शुरू की गई है, जिसमें हिस्सा लेने वाले 60 वर्षीय कनाड के जॉन जैक फंक सबसे बुजुर्ग राइडर होंगे। सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) की टीम भी पहली बार रैली में हिस्सा ले रही है और चार युवा राइडर नेशनल चैम्पियनशिप छोड़कर इस रैली में हिस्सा ले रहे हैं।”

आशीष ने कहा, “इस बार रैली सबसे लंबी है और इसके लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं, सुरक्षा के सारे इंतजाम किए गए हैं और रैली के बीच-बीच में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रखा गया है।”

हीरो एमटीबी हिमालया रैली के 12वें संस्करण में इस साल 14 देशों के कुल 67 चालक हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें नौ महिलाएं हैं। हालांकि दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से इस साल कोई भी भारतीय महिला राइडर नहीं है।

भारतीय चालकों में तीन बार से लगातार एमटीबी शिमला के मौजूदा विजेता देवेंद्र ठाकुर सहित कुल 14 भारतीय राइडर हैं, जिनमें रैली में हिस्सा लेने वाले सबसे युवा 18 वर्षीय आकाश शेरपा शामिल हैं, जो हीरो एक्शन टीम का हिस्सा हैं।

इस साल रेस का मार्ग परिवर्तित किया गया है। अधिकांश दूरी तक रेस का ट्रैक सिंगल होगा और कुछ दूरी तक चौड़ा, लेकिन चुनौतीपूर्ण ट्रैक होगा। साथ ही पहाड़ी, दलदली और पथरीले ट्रैक से भी चालकों का सामना होगा।

जर्मनी के आंद्रेस शीवाल्र्ड और 2014 के विजेता कोरी वालास इस साल एमटीबी हिमालया रैली में सबसे प्रतिष्ठित पुरुष चालक हैं, जबकि मौजूदा विजेता ब्रिटेन की कैथरीन विलियमसन और पुर्तगाल की इल्डा परेरा पर सबकी नजर रहेगी। इस बार जर्मनी के सर्वाधिक 13 चालक हैं।

रेस इस साल ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की सीमाओं को भी छुएगी। यह नेशनल पार्क कुल्लू जिले में स्थित है और देश के सबसे बड़े नेशनल पार्कों में से एक है।

इस साल की रेस को आठ चरणों में विभाजित किया गया है। इसके तहत चालक कुल 650 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे और इस दौरान उन्हें 16 हजार मीटर से अधिक का एलिवेशन हासिल करना होगा। एक दिन में चालक औसतन 60 से 90 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे।

यह रेस गाडागुफार, नरकंडा, लुरी, जालोरी पास, गाडागुशहाएनी, झांझीली, मंडी, बारोट से होते हुए धर्मशाला में समाप्त होगी।

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