देश के शीर्ष आर्थिक योजनाकार ने रविवार को यह घोषणा की।
इस कदम से देश में 2,000 से भी अधिक वर्षो से चले आ रहे नमक उद्योग में सरकार के एकाधिकार को समाप्त कर दिया जाएगा।
राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, यह निर्णय एक जनवरी, 2017 से प्रभावी होगा। कारखानों से पहले व थोक और खुदरा कीमतों को सरकार नहीं, बल्कि व्यापार की परिचालन लागत, उत्पाद की गुणवत्ता और बाजार की स्थितियों द्वारा तय किया जाएगा।
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