नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने यहां मंगलवार को हुई अपनी बैठक में राज्यों को दिए जाने वाले मुआवजे पर फैसला लिया।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यह जानकारी संवाददाताओं को दी। उन्हीं की अध्यक्षता में परिषद की बैठक हुई। जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों के राजस्व में आने वाली कमी को देखते हुए राज्य केंद्र से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
परिषद की तीसरी बैठक अभी अगले दो दिनों तक और चलेगी। जेटली ने संवाददाताओं को बताया, “आज की (मंगलवार की) बैठक में इस पर विचार हुआ कि राज्यों के मुआवजे के लिए पहले पांच साल में राजस्व की गणना का आधार क्या हो। इस पर सहमति बनी कि जहां तक राजस्व का सवाल है, तो 14 फीसदी की वृद्धि दर एक संभव वृद्धि दर के रूप में मानी जाएगी।”
उन्होंने कहा कि बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि मुआवजे की गणना के लिए 2015-16 को आधार वर्ष माना जाएगा। मुआवजा पाने वाले राज्यों के राजस्व की परिभाषा में शामिल किए जाने वाले मानदंडों पर भी सहमति बनी।
परिषद बुधवार को बैठक के दूसरे दिन जीएसटी की दर पर चर्चा करेगी।
जेटली ने कहा, “परिषद के समक्ष कम से कम पांच दर संरचना विकल्प रखे गए। लेकिन, अंतिम फैसला इस पर चर्चा और विस्तृत विश्लेषण के बाद ही लिया जाएगा।”
उन्होंने कहा, “दर संरचना ऐसी हो जो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को बढ़ाने वाली नहीं हो। साथ ही राजस्व इतना इकट्ठा हो कि राज्य और केंद्र सरकार अपने कार्यो का निर्वहन करने में सक्षम हों, साथ ही करदाताओं पर भी कम से कम कर का बोझ पड़े।”
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