इस कदम से कारोबार से जुड़ा ईसाई समुदाय गुस्से में है।
इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर 2.5 कोड़ इराकी दिनार यानी 21,000 डॉलर तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इस कानून का देश में ईसाई समुदाय कड़ा विरोध कर रहा है।
उनका कहना है कि इससे ईसाईयों और अन्य अल्पसंख्यकों पर प्रभाव पड़ेगा जो शराब पीते हैं। इससे देश में बड़ी संख्या में शराब की दुकानें बंद हो जाएगी जिनका संचालन ईसाई करते हैं।
शिया सांसद मोनाधेल अस-मोसावी ने कहा, “यदि आप इराक में हुए अपराधों पर नजर डालेंगे तो आपको पता चलेगा कि इनमें से अधिकतर अपराध शराब और ड्रग्स की वजह से होते हैं। इसलिए हम इसे खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “सिर्फ ईसाई ही शराब नहीं पीते बल्कि मुसलमान भी पीते हैं।
यह इस बात का सबूत है कि कानून ईसाईयों या अन्य को निशाना नहीं बनाता।”
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