नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। रियो ओलिम्पिक में देश को कांस्य पदक दिलाने वाली महिला पहलवान साक्षी मलिक और उनके मंगेतर सत्यव्रत काडियान सहित देश के शीर्ष पहलवानों को प्रो-रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) के दूसरे सीजन का बेसब्री से इंतजार है।
उत्तर प्रदेश के गोंडा में नंदिनीनगर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के दौरान इन पहलवानों ने बताया कि इस लीग ने भारतीय कुश्ती को एक नई दिशा दी है। यह लीग 15 दिसम्बर से देश के आठ शहरों में आयोजित की जाएगी, जो महीने भर चलेगी।
साक्षी ने कहा कि इस लीग के बाद से ही वह ओलिम्पिक और अन्य प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर पाईं।
राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में फ्रीस्टाइल स्पर्धा के 97 किलोग्राम भारवर्ग का स्वर्ण पदक जीतने वाले सत्यव्रत काडियान ने कहा कि पीडब्ल्यूएल ने पहलवानों को एक ऐसा मंच दिया है जिसमें उन्हें ओलिम्पिक और विश्व चैम्पिनशिप के मेडलिस्ट से मुकाबला करने के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से तैयार होने में मदद मिली है।
इसके अलावा, राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में फ्रीस्टाइल स्पर्धा के 57 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले संदीप तोमर ने कहा कि पीडब्ल्यूएल का अनुभव उनके लिए सर्वश्रेष्ठ रहा। इस लीग के बाद ही वह लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय चैम्पियन बने और लीग के बाद ही उन्हें एशियाई चैम्पियन और ओलिम्पियन बनने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस संस्करण में टीमों और लीग के दिनों की संख्या बढ़ने से इसका रोमांच और भी बढ़ जाएगा।
पूर्व एशियाई चैम्पियन अमित धनखड़ ने कहा कि इस लीग ने हमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी है और इसने हमारा मनोबल भी बढ़ाया है। उन्हें विश्वास है कि इस लीग का दूसरा सीजन पिछले सीजन से भी ज्यादा असरदार होगा।
भारतीय कुश्ती की नई सनसनी और राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के 57 किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक जीतने वाले उत्कर्ष काले ने कहा कि लीग से हमें अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
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