राष्ट्रोत्थान के साथ व्यक्ति के चरित्र निर्माण का कार्य संघ का लक्ष्य- शिवराम समदडिया राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ का शस्त्र पूजन,पथ संचलन कार्यक्रम सम्पन्न घोष की धून पर सैकडों स्वयंसेवकों ने किया कदमताल

rss 1डॉ लक्ष्मीनारायण वैष्णव /दमोह/ देश का प्रत्येक व्यक्ति चरित्रवान एवं राष्ट्रोत्थान के लिये कार्य करने वाला बने यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का लक्ष्य है जिसको लेकर वह लगातार कार्य कर रहा है यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक प्रमुख शिवराम समदडिया ने कही। वह स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण में आयोजित विजयादशमी उत्सव,शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन के लिये उपस्थित सैकडों स्वयंसेवकों को संबोधित कर रहे थे।

इन्होने जहां एक ओर संघ द्वारा आयोजित एवं घोषित उत्सवों की विस्तार से जानकारी दी तो वहीं दूसरी ओर भविष्य की योजनाओं को भी विस्तार से रखा। श्री समदडिया ने राष्ट्र,धर्म एवं समाज की रक्षा के लिये हमारा क्या योगदान होना चाहिये इस बात का वर्णन भी अपने उद्बोधन में किया। वहीं शस्त्र पूजन एवं शस्त्र के महत्व को भी विस्तार से रखते हुये कहा कि प्राचीन काल में सीमा उलंघन के लिये सेनायें ले जायी जाती थी जो दुश्मन को पहचान कर उसको नष्ट कर देती थी। संघ द्वारा किये जाने वाले पथ संचलन के उद्ेश्य को भी उपस्थितों के सामने रखा। श्री समदडिया ने कहा कि स्वयंसेवक की गिनती स्वयं से शुरू होती है जबकि अन्य संगठनों में नहीं अर्थात् वह पहले अपने से ही कार्य प्रारंभ करता है। इन्होने कहा कि आज के कार्यक्रम का एक और उद्ेश्य है वह है आगामी ३,४ एवं ५ जनवरी २०१४ को जबलपुर में आयोजित होने वाले संकल्प महाशिविर की तैयारियों की जानकारी लेना और देना। ज्ञात हो कि इस अवसर पर विश्व का सबसे बडा एकत्रीकरण कार्यक्रम करने का लक्ष्य लिया गया है जिसमें लगभग एक लाख से अधिक स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थित होंगे। श्री समदडिया ने श्रीराम जन्म भूमि के संबध में तय कार्यक्रम की भी जानकारी दी जिसके तहत शरदपूर्णिमा यानि आज १८ अक्टूबर को प्रत्येक मंदिर में लोगों को एकत्रित कर जानकारी देने एवं भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प कराना भी सम्मिलित है बतलाया। विदित हो कि 1925 में नागपुर में डा.केशवराम बलिराम हेडगेवार द्वारा कुछ नन्हे मुन्हे बच्चों के साथ प्रारंभ किया गया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अब एक विशाल बट वृक्ष बन कार्य कर रहा है। विश्व के लगभग 80 देशों में इसका कार्य चल रहा है। देश में इस समय 40 हजार से अधिक शाखायें और 20 हजार से अधिक प्रभावी संस्कार केन्द्र चल रहे है तो वहीं डेढ लाख से अधिक सेवाकार्य के प्रकल्प चल रहे हैं। कार्यक्रम के पूर्व घोष की धून पर कदम ताल करते हुये स्वयंसेवकों ने नगर के विभिन्न प्रमुख मार्ग से पथ संचलन निकाला। उक्त अवसर पर मंच पर जिला संघ चालक किशन लाल जी साहु एवं नगर संघ चालक राजेश जी चौरसिया भी उपस्थित थे।

dr 1डॉ लक्ष्मीनारायण वैष्णव

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