विभाग के अनुसार, इन नए ईंधन मानकों का लक्ष्य वह वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों के उत्सर्जन को कम करना तथा पीएम-2.5 एवं ओजोन के गठन को खत्म करना है। ईंधन गुणवत्ता में सुधार से कणों और नाइट्रोजन ऑक्साइड के उत्सर्जन में भी गिरावट होगी।
बीजिंग ने अपने ईंधन मानकों में चार बार सुधार किया है। ये सुधार 2004, 2005, 2008 और 2012 में किए गए थे। शहर में करीब 56.5 करोड़ वाहन पंजीकृत हैं, जो हर साल 500,000 टन प्रदूषण फैलाते हैं।
विभाग से जुड़े ली कुंशेंग ने कहा कि नए ईंधन मानकों से पेट्रोल चालित कारों के कण उत्सर्जन में 10 प्रतिशत कटौती होगी और गैर-मिथेन जैविक गैस तथा नाइट्रोजन ऑक्साइड में भी 10 प्रतिशत की कमी होगी। डीजल से चलने वाले वाहन भी कम प्रदूषण फैलाएंगे।
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